बिलासपुर; गनियारी में मिशनरी स्कूल पर गंभीर आरोप! करोड़ों की फंडिंग, साजिश के आरोप, ईडी जांच की मांग…विदेशी फंडिंग से मिशनरी स्कूल में धर्मांतरण का खेल? प्रशासन ने कसी नकेल! खबर पढ़कर जानिए पूरा मामला………

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के गनियारी क्षेत्र में संचालित डगलस मेमोरियल ईसाई मिशनरी स्कूल पर धर्मांतरण कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। गनियारी निवासी रत्नेश तिवारी ने इस संबंध में कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपा, जिसके बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। एसडीएम तखतपुर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि डगलस मेमोरियल संस्थान विदेशी फंडिंग के जरिये भोले-भाले आदिवासी बच्चों का धर्म परिवर्तन कराता है। आरोप के मुताबिक संस्थान द्वारा संचालित छात्रावास में 100% ऊराव जनजाति के बच्चे रखे जाते हैं और उन्हें ईसाई धर्म की शिक्षा दी जाती है। साथ ही इन्हें देशभर के आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण के लिए भेजने की साजिश रची जाती है। शिकायतकर्ता के अनुसार संस्थान के संचालक डॉ. हेनरी को विदेशों से करोड़ों की फंडिंग मिलती है, जिसका कोई आधिकारिक हिसाब नहीं दिया गया। बताया जा रहा है कि उनका कनेक्शन मध्य प्रदेश के डॉ. अजय लाल से है, जो धर्मांतरण से जुड़े मामलों में पहले से चर्चा में हैं। गांव में संचालित संस्थान का चिकित्सालय भी शक के घेरे में है। आरोप है कि विदेशों से चिकित्सा सेवा के नाम पर करोड़ों रुपये की फंडिंग ली जाती है, लेकिन गांववालों को कोई स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती। शिकायतकर्ता ने संस्थान की विदेशी फंडिंग, चल-अचल संपत्ति और बैंक खातों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) व आयकर विभाग से कराने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि अगर डगलस स्कूल को बंद नहीं किया गया, तो बजरंग दल समर्थक वहां ‘सनातन संस्थान’ की स्थापना करेंगे। साथ ही संचालक डॉ. हेनरी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है।
प्रशासन ने शुरू की जांच, सच्चाई क्या..?
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अब देखने वाली बात होगी कि धर्मांतरण के आरोपों में कितनी सच्चाई है या यह सिर्फ एक आरोप भर है।
