बिलासपुर; वर्दी का रौब या गुंडागर्दी? दोस्त के लिए पुलिस वाला बना वसूलीबाज, वीडियो वायरल..पुलिसिया धौंस का पर्दाफाश! प्रधान आरक्षक ने महिला को धमकाया, कैमरे में कैद होते ही भागा, वीडियो देख पढ़िए पूरी खबर……

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) पुलिस वर्दी कानून की रक्षा के लिए होती है, लेकिन जब यही वर्दी दोस्ती निभाने के लिए दबंगई का औजार बन जाए, तो कानून के रखवाले ही कानून तोड़ते नजर आते हैं। बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक राम अवतार सिंह का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपने दोस्त के पैसों की वसूली के लिए एक महिला के घर तक जा धमका। वर्दी का रौब दिखाकर महिला को डराने-धमकाने की कोशिश की गई, लेकिन पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद अब पुलिसकर्मी की करतूत बेनकाब हो गई है। घटना सकरी थाना क्षेत्र के घुरू महादेव नगर की है। यहां रहने वाले विनोद साहू की माँ के खाते में गलती से 12000 रूपये ट्रांसफर होने का दावा करते हुए एक युवक (जो वीडियो में लाल शर्ट में नजर आ रहा है) ने पैसे लौटाने की मांग की। जब महिला ने बैंक स्टेटमेंट की पुष्टि के बिना पैसे लौटाने से मना कर दिया, तो युवक ने अपनी पहुँच दिखाने के लिए एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी को घर बुला लिया। सिरगिट्टी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक रामअवतार सिंह, जो इस पूरे मामले से कोई संबंध नहीं रखते थे, अचानक महिला के घर पहुँच गए। खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी गाड़ी की नंबर प्लेट छिपाने के लिए उसे उल्टा लगा रखा था, ताकि पहचान न हो सके। घर में घुसते ही वर्दी का धौंस दिखाते हुए महिला पर पैसे लौटाने का दबाव बनाया गया और धमकाया कि अगर पैसे नहीं लौटाए गए, तो उसे जेल भेज दिया जाएगा। पुलिसवाले की बदतमीजी से परेशान महिला का बेटा मौके पर पहुंचा और पूरी घटना को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करने लगा। जैसे ही प्रधान आरक्षक को एहसास हुआ कि उसकी करतूत कैमरे में कैद हो रही है, वह घबराकर भागने लगा। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
बड़ा सवाल: क्या पुलिसिया धौंस जमाने की थी इजाजत..?
इस मामले में एक नहीं, बल्कि दो अहम पहलू हैं। पहला, गाड़ी की नंबर प्लेट छिपाने की मंशा क्या थी? क्या यह अवैध गतिविधि को अंजाम देने की कोशिश थी..? और दूसरा, सिरगिट्टी थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी आखिर सकरी थाना क्षेत्र में किसी के घर जाकर वर्दी का रौब कैसे दिखा सकता है? क्या उसने अपने थाना प्रभारी से इसकी अनुमति ली थी, या फिर व्यक्तिगत संबंध निभाने के लिए कानून को ताक पर रख दिया..?
अब सवाल पुलिस विभाग से…….
क्या कानून का रक्षक खुद कानून तोड़ने के लिए वर्दी पहन सकता है?
क्या दोस्ती निभाने के लिए पुलिसकर्मी को किसी के घर जाकर धमकाने का हक है?
इस मामले में आरोपी प्रधान आरक्षक रामअवतार सिंह के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?
अब जब वीडियो सोशल मीडिया पर तूल पकड़ चुका है, जनता को जवाब चाहिए। क्या पुलिस विभाग अपने ही अधिकारी पर कार्रवाई करेगा या यह मामला भी जांच के नाम पर दबा दिया जाएगा?
