बिलासपुर! किराना व्यापारी के गोदाम में छापा, 95 क्विंटल चावल जब्त..खाद्य विभाग ने सरकारी चावल की अवैध बिक्री का किया पर्दाफाश, पढ़िए पूरी खबर………

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) बिलासपुर में खाद्य विभाग ने एक गोदाम पर छापा मारकर 95 क्विंटल पीडीएस चावल जब्त किया है। इस चावल को एक किराना व्यापारी ने अपनी बेनामी गोदाम में छिपाकर रखा था, जिसे वह मोटी कमाई के लिए राइस मिलरों को बेच रहा था। जांच में यह खुलासा हुआ कि यह वही चावल है, जो शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से राशन कार्डधारियों को दिया जाता है। सूत्रों के अनुसार चावल रखने का काम गोल बाजार स्थित खोवा मंडी निवासी आयुष साहू ने किया था। खाद्य विभाग को सूचना मिली थी कि सरजू बगीचा इलाके में शासकीय उचित मूल्य दुकान से चावल लाकर एक गोदाम में रखा जा रहा है। इसके बाद अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। वहां एक वाहन से प्लास्टिक की बोरियों में चावल को खाली किया जा रहा था, जिसे गोदाम में रखा जा रहा था। अधिकारियों ने बोरियों को अनलोड करने का काम तुरंत रोक दिया और चावल की जांच के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के क्वालिटी इंस्पेक्टर को बुलाया। जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि यह चावल पीडीएस का था। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि आयुष साहू कुछ राशन दुकान संचालकों से मिलकर पीडीएस चावल खरीदता था, जिसे वह अपने गोदाम में संग्रहित करता था। इसके बाद यह चावल भाटापारा, चकरभाठा, धमतरी और मुंगेली के कुछ राइस मिलरों को बेचा जाता था। हालांकि अभी यह जानकारी सामने आनी बाकी है कि वह किन शासकीय राशन दुकानों से चावल खरीदता था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह चावल सरजू बगीचा स्थित गोदाम से व्यापार विहार स्थित एक बड़े गोदाम में लाया जाता था, जहां इसकी अवैध बिक्री की जाती थी। यदि अधिकारियों ने और जांच की, तो संभवतः शहर के अन्य इलाकों में भी शासकीय राशन दुकानों से चावल की अवैध बिक्री का खुलासा हो सकता है। चावल की आपूर्ति जूट की बोरी की बजाय प्लास्टिक की बोरियों में की जा रही थी, जो एक संदिग्ध तरीका था। सामान्यत: पीडीएस चावल को जूट की बोरियों में वितरित किया जाता है, लेकिन यहां चावल को अफरा-तफरी के तहत प्लास्टिक बोरियों में रखा गया था। खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी चावल की अवैध तस्करी और वितरण एक गंभीर मामला बन चुका है, जिस पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।



















