नगरीय निकाय चुनाव 2025: वोटिंग से पहले ही 8 स्थानों पर बीजेपी की जीत, कांग्रेस को झटके, पढ़िए पूरी खबर……


रायपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनावों के लिए नाम वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होते ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ा फायदा हुआ है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 8 स्थानों पर बीजेपी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए, जिनमें बसना नगर पंचायत के अध्यक्ष पद सहित 7 पार्षद पद शामिल हैं। महासमुंद जिले के बसना नगर पंचायत में भाजपा की प्रत्याशी डॉ. खुशबू अग्रवाल निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गईं। कांग्रेस की तुलसी गौतम बंजारा सहित आम आदमी पार्टी (AAP) और एक निर्दलीय प्रत्याशी ने नाम वापस ले लिया, जिससे यह सीट भाजपा के खाते में चली गई।
7 पार्षद पदों पर भी बीजेपी प्रत्याशी निर्विरोध जीते……..
1. बिलासपुर निगम, वार्ड नंबर 13 – कांग्रेस उम्मीदवार श्याम पटेल का नामांकन जाति प्रमाण पत्र के अभाव में रद्द हो गया, जिससे बीजेपी के रमेश पटेल को वॉकओवर मिल गया।
2. कटघोरा नगर पालिका, वार्ड 13 और 18 – वार्ड 13 में कांग्रेस प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल ही नहीं किया, जबकि वार्ड 18 में कांग्रेस उम्मीदवार ने नाम वापस ले लिया। दोनों स्थानों पर बीजेपी प्रत्याशी निर्विरोध विजयी हुए।
3. दुर्ग नगर निगम, वार्ड नंबर 21 – कांग्रेस प्रत्याशी मीरा सिंह ने नामांकन वापस लिया, जिससे भाजपा उम्मीदवार विद्यावती सिंह निर्विरोध जीत गईं।
4. रायगढ़ नगर निगम, वार्ड 18 और 45 – कांग्रेस प्रत्याशी शीला साहू (वार्ड 18) और खिरीलाल सिंह ठाकुर (वार्ड 45) ने नाम वापस ले लिया। इससे बीजेपी की पूनम सोलंकी (वार्ड 18) और नारायण पटेल (वार्ड 45) निर्विरोध निर्वाचित हुए।
5. भिलाई नगर निगम, वार्ड 35 – कांग्रेस उम्मीदवार मनोज सिन्हा ने नाम वापस लिया, जिससे भाजपा प्रत्याशी चन्दन यादव को सीधी जीत मिल गई।
6. लोरमी नगर पालिका, वार्ड 10 और 17 – भाजपा प्रत्याशी धारणी देवी (वार्ड 10) और भीखम शिवशंकर यादव (वार्ड 17) निर्विरोध पार्षद निर्वाचित हुए।
कांग्रेस को कई स्थानों पर झटके……
इससे पहले धमतरी में कांग्रेस महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा और विश्रामपुर नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो चुका है।
बीजेपी को चुनाव परिणाम से पहले ही जश्न का मौका…….
नगरीय निकाय चुनाव के तहत 11 फरवरी को मतदान और 15 फरवरी को मतगणना होगी, लेकिन इससे पहले ही भाजपा को 8 सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल हो चुकी है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है, जबकि कांग्रेस को कई स्थानों पर नुकसान झेलना पड़ा है।

