बिलासपुर पुलिस का एक्शन: 20 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा नशे का अंतरराज्यीय सौदागर, पढ़िए पूरी खबर……

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) 20 वर्षों से नशीली दवाओं के कारोबार में संलिप्त अंतरराज्यीय तस्कर संजीव उर्फ सुच्चा सिंह को बिलासपुर पुलिस ने जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में नशीली दवाओं की सप्लाई कर रहा था। नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन निमितेश सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को जबलपुर के परसवाड़ा इलाके से धरदबोचा। पुलिस के मुताबिक संजीव ने जबलपुर में जमीन और दुकानें खरीद रखी थीं और वहां से अपना कारोबार चला रहा था। उसके खिलाफ पहले से ही कई थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। संजीव उर्फ सुच्चा पर आरोप है कि वह 2005 से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में नशीले इंजेक्शन और टैबलेट की सप्लाई कर रहा था। 2014 में पुलिस की सख्ती के चलते वह नागपुर भाग गया, जहां उसने नशीली दवाओं की बिक्री से अर्जित धन से चार दुकानें और जमीन खरीदी। हाल ही में उसने बिलासपुर लौटकर स्थानीय तस्करों के जरिए दवाओं की सप्लाई शुरू कर दी थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि संजीव ने नशीली दवाओं के व्यापार से भारी संपत्ति अर्जित की है। इसमें नागपुर और दिल्ली-फरीदाबाद में जमीन और जबलपुर में मकान शामिल हैं। पुलिस अब उसकी संपत्तियों की जांच कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
संजीव पर बिलासपुर के कई थानों में नशीली दवाओं की तस्करी के मामले दर्ज हैं……….
01. कोनी (2007): 2,553 नशीले इंजेक्शन।
02. तारबाहर (2009): 1,500 नशीले इंजेक्शन।
03. तारबाहर (2013): 9,600 इंजेक्शन और टैबलेट।
04. कोतवाली (2018): 7,200 नशीली टैबलेट।
05. सरकंडा (2023): 102 इंजेक्शन और 20 कोडीन सिरप।
06. सिविल लाइन (2023): 1,645 एविल इंजेक्शन।
तस्करी का नया ठिकाना…….
गिरफ्तारी से बचने के लिए संजीव ने जबलपुर में छाबड़ा कंस्ट्रक्शन के नाम से एक नई पहचान बनाई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई और कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया कि संजीव के गिरोह के अन्य सदस्यों की भी जांच की जा रही है। साथ ही तस्करी से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने और अपराधियों के नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई से नशीली दवाओं के कारोबार पर बड़ा प्रहार हुआ है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।


















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