बिलासपुर! मुख्यमंत्री के काफिले के सामने रोती बिलखती रेप पीड़िता महिला का प्रदर्शन.. काफिले के सामने बैठकर की हंगामा, लगाई न्याय की गुहार, वीडियो देख पढ़िए पूरी खबर…….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब रेप पीड़िता महिला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले के सामने बैठकर प्रदर्शन किया। महिला ने पुलिस पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। घटना ने प्रशासन और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता का आरोप है कि रेप के आरोपी किशन पटेल और उसकी पत्नी शिवकुमारी पटेल ने उसे घर में घुसकर पीटा। महिला ने बताया कि जेल से छूटने के बाद आरोपी ने अपने जननांग को उसके छोटे बच्चे के मुंह में डालने जैसा घिनौना कृत्य किया। बावजूद इसके, पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
कैसे शुरू हुआ मामला…..?
पीड़िता ने बताया कि 19 नवंबर 2024 की शाम वह अपने बच्चे के साथ घर पर थी। तभी आरोपी किशन पटेल और उसकी पत्नी शिवकुमारी उसके घर पहुंचे। उन्होंने धमकी दी कि रेप की शिकायत करने के कारण उनका 10 लाख रुपये खर्च हो चुका है, जिसकी भरपाई पीड़िता को करनी होगी। आरोपियों ने पीड़िता के खिलाफ पेशी में पक्ष बदलने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर उसकी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता का दावा है कि जब उसने आरोपियों की बात मानने से इनकार किया, तो किशन पटेल ने उसके बच्चे के साथ अमानवीय हरकत की। शिवकुमारी ने बच्चे के सिर पर ईंट से वार कर दिया और दोनों ने पीड़िता के साथ गाली-गलौज व मारपीट की।
सीएम के काफिले को रोककर किया प्रदर्शन…….
न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़िता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के काफिले के सामने हंगामा किया। करीब 15 मिनट तक चले प्रदर्शन के दौरान महिला ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने पीड़िता से मुलाकात कर न्याय का आश्वासन दिया।
पुलिस प्रशासन का पक्ष……
पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह ने बताया कि आरोपी किशन पटेल के खिलाफ अब तक तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पहले से चल रहे रेप के मामले में वह जेल में था, लेकिन पैरोल में हाल ही में रिहा हुआ था। महिला की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज की गई हैं, जिसकी जांच जारी है।
पीड़िता का आक्रोश और सवाल……
पीड़िता ने कहा कि वह न्याय न मिलने से सदमे में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए उसने कहा कि मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह घटना न्याय प्रणाली और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता हैं!
