बिलासपुर में 200 करोड़ के अस्पताल पर सियासत गरम; कांग्रेस ने पूछा- जनता के अस्पताल में PPP मॉडल क्यों?..सुपर स्पेशियलिटी और कैंसर अस्पताल को लेकर सरकार से जवाब तलब!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) कोनी स्थित करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 240 बेड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और 100 बेड कैंसर केयर अस्पताल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने अस्पताल के संचालन को पीपीपी मॉडल पर दिए जाने की संभावनाओं पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने प्रेसवार्ता में कहा कि यह अस्पताल जनता के टैक्स के पैसे, सरकारी जमीन और सरकारी संसाधनों से बनाया गया है। ऐसे में इसके संचालन के लिए निजी भागीदारी की आवश्यकता क्यों पड़ रही है, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अस्पताल का उद्घाटन और मुख्यमंत्री के निरीक्षण के कई महीने बाद भी अस्पताल पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो सका है। विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की कमी के चलते गंभीर मरीजों को अब भी दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि यदि अस्पताल का संचालन पीपीपी मॉडल पर किया जाता है तो गरीब और सामान्य मरीजों को क्या अतिरिक्त लाभ मिलेगा, मुफ्त और सस्ती चिकित्सा की क्या गारंटी होगी, अस्पताल का नियंत्रण किसके पास रहेगा तथा इलाज की दरें कौन तय करेगा। साथ ही पीपीपी मॉडल से जुड़े सभी दस्तावेज, शर्तें और समझौते सार्वजनिक करने की भी मांग की गई। सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि अस्पताल को पूर्ण क्षमता से संचालित करने के लिए तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग एवं तकनीकी स्टाफ की भर्ती की जाए। साथ ही आईसीयू, कैथ लैब, ऑक्सीजन प्लांट और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को राजनीति नहीं, बल्कि बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण इलाज चाहिए। प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अस्पताल जनता की संपत्ति है और इसके संचालन से जुड़ा हर फैसला पूरी पारदर्शिता के साथ जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
