बिलासपुर: टीका लगने के बाद 2 बच्चों की मौत, 5 की हालत गंभीर, स्वास्थ्य सेवाओं पर उठ रहे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश, पढ़िए पूरी खबर……

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के कोटा क्षेत्र के ग्राम पंचायत पटैता कोरीपारा में टीकाकरण के बाद दो नवजात बच्चों की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। दो दिन पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पंचायत के 7 बच्चों का टीकाकरण किया गया था। शनिवार को इनमें से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि पांच बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टीकाकरण के 24 घंटे के भीतर दो नवजात बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझा और तुरंत जांच शुरू कर दी।

इस घटना के बाद कोटा बीएमओ ने खबर फैलते ही अपना मोबाइल भी बंद कर दिया, जिससे विभाग में और भी हलचल मच गई है। मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में दो दिन पहले एक टीकाकरण अभियान चलाया गया था, जिसमें नवजात से लेकर 3 साल तक के बच्चों को टीकाकरण किया गया। ग्राम पंचायत पटैता के आंगनबाड़ी केंद्र में दोनों नवजात बच्चों को टीका लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत पेंटा, बीसीजी, और खसरा टीकाकरण किया गया था।

इस दौरान साहिल बेगम की 20 दिन की बेटी, सुकृता मानिकपुरी की 18 माह की बेटी, उषा बाई केंवट की 2 माह की बेटी, अनिता केंवट की 18 माह की बेटी, और तीज बाई धनवार के 2 माह के बेटे सहित पांच बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑब्जरवेशन के लिए रखा गया था। दो नवजात बच्चों में से एक सत्यभामा का 2 माह का बेटा और धनेश्वरी का 1 दिन का बेटा शामिल हैं, जिनकी मौत हो गई है। मृत बच्चों के चेहरे नीले पड़ने के कारण लोग टीकाकरण को जिम्मेदार मान रहे हैं। गांव में मातम छा गया है और लोग स्वास्थ्य अधिकारियों पर गुस्सा निकाल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 1 दिन के बच्चे की मौत इंफेक्शन के कारण हुई, क्योंकि उसका पेंटा 1 वैक्सीनेशन नहीं किया गया था। वहीं 2 माह के बच्चे की मौत बुखार के कारण हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल में टीकाकरण के लिए निर्धारित प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन किया गया था। नर्स ने कहा कि वह पिछले 28 वर्षों से टीकाकरण कर रही हैं और बच्चों की मौत की वजह की जांच चल रही है।
