सीपत क्षेत्र में हाथी सुरक्षा की लापरवाही: बीट गार्ड ड्यूटी से अनुपस्थित, ग्रामीण और वन समिति की सक्रियता, पढ़िए पूरी खबर……

सीपत: (प्रांशु क्षत्रिय) चार दिन पहले सीपत क्षेत्र के सोंठी जंगल में एक दंतैल हाथी की उपस्थिति के बाद सुरक्षा के लिए तैनात बीट गार्ड की लापरवाही सामने आई है। यह गार्ड बैरिकेट्स पर तैनात किए गए थे ताकि जंगल की ओर जाने वाले राहगीरों को रोका जा सके, लेकिन इनकी अनुपस्थिति ने सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
शनिवार को रफ्तार न्यूज़ सीजी की टीम ने जब सोंठी में सुरक्षा बैरिकेट्स का जायजा लिया, तो पाया कि वहां तैनात बीट गार्ड ड्यूटी से अनुपस्थित थे। बैरिकेट्स पर सुरक्षा का जिम्मा ग्रामीणों और छोटे बच्चों ने अपने हाथ में ले रखा था। इस स्थिति में जंगल के अंदर लोग आराम से प्रवेश कर रहे थे, जिससे किसी भी संभावित घटना का खतरा बढ़ गया था।
वहीं स्थानीय वन समिति के सदस्य, जिनमें बाबू राम सोरठे और नंद कुमार सोरठे शामिल हैं, जंगल में हाथी की मूमेंट्स का पता लगाने में लगे हुए थे। उन्होंने बताया कि समिति के 16 सदस्य ड्यूटी पर हैं और हाथी के पैरों के निशान व लीद की फोटो खींचकर अधिकारियों को जानकारी भेज रहे हैं। उनका कहना है कि गर्गर्ज पहाड़ के ऊपर डबरी के पास हाथी की मौजूदगी की आशंका है। इस स्थिति में सवाल उठता है कि सरकार उन बीट गार्डों को किस बात का वेतन दे रही है जो ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हैं…? अगर हाथी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसके सिर जाएगी…?
बीट गार्ड अनुपस्थित बचाव में उतरे डीएफओ…..
सोठीं बैरिकेट के अनुपस्थित बीट गार्ड के मामले को लेकर वन विभाग के डीएफओ सत्यदेव शर्मा से संपर्क किया गया। डीएफओ ने स्पष्ट किया कि हाथी के रहने वाले क्षेत्रों में बीट गार्ड तैनात रहेंगे। जबकि बीट गार्ड गायब थे, उसी वक्त वन समिति के सदस्यों ने बताया कि हाथी बैरिकेट से लगभग 2 से 3 किलोमीटर ऊपर गर्गज पहाड़ पर थे। इस पर डीएफओ ने बीट गार्ड के अनुपस्थिति को बचाते हुए स्थिति को सामान्य बताया। इससे सुरक्षा के प्रभावी प्रबंधन पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं और यह सवाल उठता है कि हाथी जैसे संकटग्रस्त जानवरों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

हाथी के डर में स्कूल था बंद….
रफ्तार न्यूज़ सीजी की टीम को ग्रामीणों ने बताया की सोंठी जंगल पहुंचे हाथियों की दहशत से जेवरा का प्रायमरी, मिडिल और हायर सेकेंडरी स्कूल और खोंधरा का प्राइमरी स्कूल शुक्रवार को बंद रहा। वहीं शनिवार को कुछ देर के लिए खोला गया था। फिर बच्चों को छुट्टी दे दिया गया।

सिर्फ कार्तिक ने देखा हाथी को……
सीपत क्षेत्र में एक दंतैल हाथी बुधवार रात से जंगल में विचरण कर रहा है, लेकिन चार दिन बीतने के बावजूद किसी ने भी इसे नहीं देखा है। इस दंतैल हाथी को ग्राम पंचायत बिटकुला के आश्रित गांव पैंगवापरा के पंच कार्तिक राम ने रात लगभग 1 बजे अपने घर की बाड़ी में देखा। इसके बाद से यह हाथी हर किसी की नजरों से ओझल हो गया है। कार्तिक राम ने बताया कि वह रात में अपने खेत की ओर गया था, क्योंकि उसे फसल को नुकसान पहुंचाने वाले किसी जानवर का आभास हुआ था। जब उसने बाहर जाकर देखा, तो पाया कि दंतैल हाथी उसकी फसल, खासकर भुट्टे और गन्ने को नुकसान पहुंचा रहा था।
