कोटा के कुख्यात गुंडे सहित 6 जुआरियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, लाखो रुपए नगद सहित देशी कट्टा जब्त, पढ़िए पूरी खबर…..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) कोटा पुलिस ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात जिला बदर आरोपी हरीश उर्फ गोलू ठाकुर और छह जुआरियों को गिरफ्तार किया है। गोलू ठाकुर जिसे जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर जिला बदर किया गया था, उसे पुलिस ने अवैध हथियार के साथ पकड़ा है। पुलिस ने तलाशी के दौरान गोलू ठाकुर के कब्जे से एक देसी कट्टा, 91,720 रुपये नकद, 10 मोटर साइकिल, 1 कार और 7 मोबाइल फोन बरामद किए। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अर्चना झा के मार्गदर्शन में की गई।

मिली जानकारी के अनुसार अनुभागीय पुलिस अधिकारी कोटा नुपुर उपाध्याय के नेतृत्व में एक विशेष रेड की गई। रेड के दौरान पुलिस ने ग्राम करपीहा के जंगल में जुआ खेल रहे व्यक्तियों को घेर लिया। कुछ जुआरी जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। आरोपी गोलू ठाकुर को जिला बदर आदेश के बावजूद क्षेत्र में रहने और अपराध करने का दोषी पाया गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 और 15 के तहत कार्रवाई की गई है।
ये हैं पकड़े गए आरोपी:-
1. विजय बंजारे पिता आजू राम बंजारे उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम लमकेना, थाना कोटा,
2. संजू मेहर पिता द्वारिका प्रसाद मेहर उम्र 34 वर्ष निवासी लोरमी जिला मुंगेली,
3. रोशन पाटले पिता दवाद उम्र 23 वर्ष, निवासी अखबार थाना लोरमी जिला मुंगेली,
4. हेमंत रातरे पिता विमल उम्र 24 वर्ष विचारपुर थाना लालपुर जिला मुंगेली,
5. मुकेश चंद्राकर पिता रामलाल चंद्राकर उम्र 42 वर्ष निवासी कोडापुरी थाना कुंडा जिला कबीरधाम,
6. हरीश उर्फ गोलू सिंह पिता स्वर्ग या सुभाष सिंह ठाकुर उम्र 50 वर्ष निवासी पुरानीबस्ती कोटा थाना कोटा जिला बिलासपुर,
7. नारायण महरा पिता चन्द्र राम उम्र 42 वर्ष डबरा पारा रतनपुर थाना रतनपुर जिला बिलासपुर।
पढिए आरोपी हरीश उर्फ गोलू ठाकुर के बारे में……
आरोपी हरीश सिंह उर्फ गोलू ठाकुर जो क़ानून की धज्जियां उड़ाने और जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों की अवहेलना करने के लिए कुख्यात था, जिसे कोटा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने इसे जिला बदर कर दिया था, जिसके अनुसार इसे बिलासपुर जिला और इसके आसपास के क्षेत्रों में बिना अनुमति के रहना प्रतिबंधित था। इसके बावजूद हरीश कोटा जिले में रहकर कट्टा लेकर लोगों को धमकाता और नगर में दहशत फैलाता रहा। उसने वही अपराध किया जिसके लिए जिला बदर की कार्रवाई की गई थी। अंततः वह कट्टे के साथ कोटा पुलिस के हत्थे चढ़ गया हैं।

