BILASPUR: गलत ईलाज के कारण मलेरिया से 2 की मौत, भाग निकला झोलाछाप डॉक्टर, टेंगनमाड़ा व करगीकला में संचलित 2 क्लिनिक पर की गई कार्यवाही, हुआ सील, पढिए पूरी खबर……..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) मलेरिया और डायरिया में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने को लेकर प्रशासन ने डंडा चलाया है। कलेक्टर अवनीश शरण के आदेश के बाद कोटा ब्लॉक के टेंगनमाड़ा और करगीकला में संचालित दो झोलाछाप डॉक्टरों की क्लिनिक बंद करा दी गई है।

एसडीएम कोटा युगल किशोर उर्वशा के मार्गदर्शन मे राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को क्लिनिकों का आकस्मिक निरीक्षण किया। गौरतलब है कि कलेक्टर ने कल इस इलाके के दौरे में अवैध क्लिनिकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। टेंगनमाड़ा में दीपक गुप्ता का क्लिनिक हैं। यह क्लिनिक धर्मप्रताप पिता विशाल सिंह के मकान में चलाया जा रहा था। दीपक गुप्ता क्लिनिक में नहीं मिले। सरपंच, कोटवार एवं ग्रामीणों ने बताया कि वे गांव में नहीं है। बताया गया कि उनके द्वारा किये गये गलत ईलाज के कारण ही मलेरिया से दो लोगों की मौत हुई । इसी प्रकार करगीकला में डॉ. चिरंजित विश्वास के क्लिनिक का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। उनके पास ईलाज के लिए वैध दस्तावेज नहीं पाया गया। क्लिनिक सील कर दिया गया है। कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कोटा विकासखण्ड के ग्राम खुटाडीह (मेलनाडीह) में मलेरिया जनचौपाल का आयोजन किया गया। ग्रामीणों को मलेरिया एवं डायरिया फैलने के कारण एवं उपचार के साथ ही साफ सफाई बरतने के समझाइश दी गई।

