बिलासपुर में राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल : 18 तहसीलदार-नायब तहसीलदारों की बदली जिम्मेदारी, प्रकाश साहू मस्तूरी भेजे गए
बिलासपुर में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 18 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की पदस्थापना बदली। प्रकाश साहू को मस्तूरी भेजा, आकाश गुप्ता बने बिलासपुर तहसीलदार.....
बिलासपुर। जिले में राजस्व प्रशासन को व्यवस्थित करने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की पदस्थापना में व्यापक बदलाव किया है। जारी आदेश के तहत 18 अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। इस फेरबदल में बिलासपुर तहसीलदार प्रकाश चंद्र साहू को मस्तूरी भेज दिया गया है। उनके स्थान पर अतिरिक्त तहसीलदार आकाश गुप्ता को बिलासपुर तहसीलदार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रकाश साहू के खिलाफ कथित अवैध वसूली और राजस्व प्रकरणों के निपटारे में देरी को लेकर लगातार शिकायतें मिलने की बात सामने आई थी। प्रशासनिक फेरबदल के तहत बिलासपुर, मस्तूरी, बिल्हा, रतनपुर, बोदरी, सीपत, सकरी, तखतपुर, पचपेड़ी और बेलगहना समेत विभिन्न क्षेत्रों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।
कई तहसीलों में बदले गए तहसीलदार
जारी आदेश के मुताबिक, लखेश्वर प्रसाद किरण को मस्तूरी से बोदरी, राजेंद्र भारत को बिल्हा से रतनपुर, राहुल शर्मा को सकरी से बिल्हा और सोनू अग्रवाल को रतनपुर से सकरी भेजा गया है। संदीप साय को बोदरी से सीपत पदस्थ किया गया है। वहीं, अतिरिक्त तहसीलदार प्रकृति ध्रुव को बिलासपुर से सीपत की जिम्मेदारी दी गई है। पदोन्नति के बाद विभोर यादव को बेलगहना का तहसीलदार बनाया गया है। राहुल साहू को बेलगहना से तखतपुर और टोपलाल सिदार को सकरी से बेलगहना भेजा गया है। इसके अलावा पंकज सिंह को अतिरिक्त तहसीलदार, रतनपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नायब तहसीलदारों की भी नई पदस्थापना
प्रशासनिक बदलाव के तहत नायब तहसीलदार शुभांगी गुप्ता को मस्तूरी से पचपेड़ी, अनिरुद्ध तिवारी को तखतपुर से बिलासपुर, अप्रतिम पांडेय को कोटा से बिलासपुर और अंकित राजपूत को रतनपुर से सकरी भेजा गया है। जिले में स्थानांतरण के बाद आईं तहसीलदार श्वेता यादव को अतिरिक्त तहसीलदार, उप तहसील सकर्रा का दायित्व दिया गया है। वहीं, जयश्री राजन पथे को तहसीलदार, नजूल एवं प्रोटोकॉल शाखा में पदस्थ किया गया है।
राजस्व मामलों के निपटारे पर रहेगी नजर
जिले में जमीन विवाद, सीमांकन, नामांतरण और अन्य राजस्व प्रकरणों के निराकरण में देरी को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में आम लोगों को तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
