सीपत में जंगल की रखवाली या कागजों में पहरेदारी? बीट गार्ड के निवास के पास ही कट गए 7 सागौन के पेड़..वन विभाग के सुरक्षा दावों की खुली पोल!



बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) वनमंडल के अंतर्गत बिलासपुर रेंज के सोठी सर्किल स्थित निरतु बीट में सागौन के पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बीते 15 दिनों के भीतर सागौन प्लांट से करीब 7 बेशकीमती पेड़ काट दिए गए। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर पेड़ों की कटाई की गई, वहां से संबंधित बीट गार्ड का शासकीय निवास महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है। इसके बावजूद लगातार पेड़ों की कटाई होना वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, निरतु बीट के सागौन प्लांट में एक के बाद एक पेड़ों की अवैध कटाई की गई है। महज 15 दिनों में सात सागौन के पेड़ों को काटे जाने की बात सामने आई है। सागौन कीमती लकड़ी मानी जाती है और इसकी सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा मैदानी अमले की तैनाती की जाती है। ऐसे में बीट गार्ड के निवास से इतनी कम दूरी पर पेड़ों की कटाई होना कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों और स्थानीय जानकारों का आरोप है कि अवैध कटाई का मामला केवल निरतु बीट के एक प्लांट तक सीमित नहीं है। सोठी और निरतु बीट के अंतर्गत आने वाले अन्य प्लांटों में भी पेड़ों की कटाई की शिकायतें सामने आ रही हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह वन संपदा की सुरक्षा में गंभीर चूक का मामला होगा।
किसकी जिम्मेदारी, कौन करेगा निगरानी..?
वन विभाग द्वारा जंगलों और प्लांटों की सुरक्षा के लिए बीट गार्ड सहित अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाती है। इसके बावजूद यदि कर्मचारियों के निवास के नजदीक ही पेड़ों की कटाई हो रही है तो निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना लाजिमी है। स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई कब और कैसे हुई तथा जिम्मेदार अमले को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल सकी? मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही काटे गए पेड़ों की संख्या, कटाई में इस्तेमाल किए गए औजारों, लकड़ी की बरामदगी और अवैध कटाई में शामिल लोगों की पहचान करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि यदि विभागीय लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। अब देखने वाली बात होगी कि वन विभाग के अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और निरतु बीट में सागौन के पेड़ों की कथित अवैध कटाई पर क्या कार्रवाई करते हैं।




