वन माफियाओं पर वन विभाग का प्रहार; कोटा में अवैध मिनी आरा मशीन और चेन सॉ जब्त..1.50 लाख का माल बरामद!


बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) बिलासपुर वन मंडल में वन अपराधों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत वन विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सोंठी में अवैध सागौन और खैर का चिरान जब्त करने के एक दिन बाद अब कोटा क्षेत्र में अवैध मिनी आरा मशीन, इलेक्ट्रिक चेन सॉ और बड़ी मात्रा में लकड़ी का चिरान जब्त किया गया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज पांडेय और वनमंडल अधिकारी बिलासपुर नीरज के निर्देश पर वन अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उपवनमंडल अधिकारी कोटा अनिल भास्करन के मार्गदर्शन और वन परिक्षेत्र अधिकारी कोटा नितिन लहरे के नेतृत्व में 3 अक्टूबर 2026 को संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। सर्च वारंट जारी होने के बाद वन परिक्षेत्र कोटा, उड़नदस्ता बिलासपुर और पुलिस की संयुक्त टीम ने लमकेना निवासी सुरेश खांडे के घर और बाड़ी में दबिश दी। तलाशी के दौरान टीम को वहां अवैध रूप से लकड़ी चिरान में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और बड़ी मात्रा में वन उपज मिली। कार्रवाई में एक मिनी आरा मशीन, एक इलेक्ट्रिक चेन सॉ मशीन, एक रंदा मशीन और बढ़ईगिरी से संबंधित अन्य सामग्री जब्त की गई। इसके साथ ही सागौन, साल और मिश्रित लकड़ी का कुल 1.024 घन मीटर चिरान भी बरामद किया गया।
1.50 लाख रुपये का वन उपज और उपकरण जब्त…..
वन विभाग के अनुसार जब्त वन उपज को सेल डिपो कोटा भेज दिया गया है। जब्त सामग्री की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान आरोपी सुरेश खांडे टीम के पहुंचने से पहले ही मौके से फरार हो गया। वन विभाग की टीम उसकी तलाश में जुटी है। मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 17789/02, दिनांक 3 अक्टूबर 2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सोंठी के बाद कोटा में कार्रवाई, वन माफियाओं में हड़कंप…..
वन विभाग द्वारा लगातार दूसरे दिन की गई कार्रवाई से अवैध लकड़ी के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई में उड़नदस्ता बिलासपुर, वन परिक्षेत्र कोटा और कोटा पुलिस की संयुक्त टीम के अधिकारियों-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

