दुर्ग में प्रॉपर्टी डीलर पर जानलेवा हमला : सौरभ चंद्राकर का भांजा प्रखर और उसके साथी गिरफ्तार, 2 जुलाई से चल रहे थे फरार
दुर्ग में प्रॉपर्टी डीलर योगेश सूर्यवंशी पर जानलेवा हमले के मामले में प्रखर चंद्राकर और सुधांशु गिरफ्तार हुए। पुलिस ने चारों आरोपियों को पकड़ लिया है।
दुर्ग। भिलाई नगर पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर योगेश सूर्यवंशी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में प्रखर चंद्राकर और सुधांशु उर्फ बॉम्सी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार प्रखर चंद्राकर महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े सौरभ चंद्राकर का भांजा है। दोनों आरोपी करीब ढाई महीने से पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे।
वारदात 2 जुलाई की रात डीपीएस चौक के पास हुई थी। पुलिस के मुताबिक, योगेश सूर्यवंशी सेक्टर-6 के पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल भरवाकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए आरोपियों ने उनका पीछा किया। आरोपियों ने बाइक के पहिए में डंडा फंसा दिया, जिससे योगेश सड़क पर गिर गए। इसके बाद उन पर डंडे और चाकू समेत धारदार हथियार से हमला किया गया।
गर्दन और पैर पर किए गए कई वार
पुलिस के अनुसार हमले में योगेश के पैर और गर्दन के आसपास गंभीर चोटें आई थीं। घायल अवस्था में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद और रंजिश की जानकारी मिली, जिसके बाद हमले की वजह को लेकर जांच आगे बढ़ाई गई।योगेश की शिकायत पर भिलाई नगर थाने में बीएनएस की धारा 109(1), 296, 3(5) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने पहले अमन मूर्ति और हरीश यादव को गिरफ्तार किया था। वहीं प्रखर चंद्राकर और सुधांशु उर्फ बॉम्सी फरार थे।
मुखबिर की सूचना से मिली आरोपियों तक पहुंच
फरार आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली। इसके आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक, डंडा और धारदार हथियार भी बरामद करने की बात कही है। इस गिरफ्तारी के बाद मामले में नामजद चारों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
प्रखर चंद्राकर पर अब तक 12 मामले दर्ज
पुलिस ने प्रखर चंद्राकर का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने रखा है। अधिकारियों के मुताबिक उसके खिलाफ पहले से करीब 12 मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट से जुड़े मामले भी शामिल हैं। करीब नौ महीने पहले रायपुर के तेलीबांधा इलाके के एक क्लब में हुई मारपीट के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। इसके अलावा सुपेला थाना क्षेत्र में जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे युवकों से मारपीट के मामले में भी पुलिस उसकी गिरफ्तारी कर चुकी है।
