सीपत में सड़क हादसे रोकने की पहल; NTPC से गौशाला और डॉग शेल्टर की मांग, पिछले साल का आवेदन बेअसर..हजारों करोड़ की परियोजना, फिर गौशाला-डॉग शेल्टर जैसी छोटी जरूरत के लिए ग्रामीणों को क्यों लगानी पड़ रही गुहार?

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सीपत क्षेत्र में आवारा मवेशियों और कुत्तों की समस्या अब सड़क सुरक्षा के साथ-साथ लोगों की चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है। सीपत क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने NTPC सीपत परियोजना प्रमुख को आवेदन सौंपकर क्षेत्र में गौशाला एवं डॉग शेल्टर होम के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा मवेशियों के सड़कों पर बैठे रहने से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, वहीं आवारा कुत्तों के कारण भी लोग परेशान हैं। आवेदन में कहा गया है कि सीपत रोड पर प्रतिदिन पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति बनती है। कई बार मवेशी सड़क पर बैठे रहते हैं और वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने आवारा मवेशियों के लिए स्थायी गौशाला और आवारा कुत्तों के लिए डॉग शेल्टर बनाने की मांग रखी है।
पिछले साल भी दिया था आवेदन, नहीं हुई कार्रवाई……
ग्रामीणों के मुताबिक, इस मांग को लेकर पिछले वर्ष भी तत्कालीन परियोजना प्रमुख को आवेदन दिया गया था। इसके अलावा एनटीपीसी यूनियन के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि आश्वासन और मांग के बावजूद अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो सकी। अब सीपत में नए परियोजना प्रमुख की पदस्थापना के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर उम्मीद जताई है। 17 अगस्त 2026 को नए परियोजना प्रमुख स्वपन कुमार मंडल को आवेदन सौंपकर गौशाला और डॉग शेल्टर निर्माण की मांग दोहराई गई है।
NTPC से ही क्यों उम्मीद…?
ग्रामीणों का कहना है कि सीपत क्षेत्र में NTPC की बड़ी परियोजना संचालित है और क्षेत्र के विकास एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में परियोजना की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में गौशाला और डॉग शेल्टर का निर्माण कोई असंभव या बहुत बड़ा काम नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और जनहित से जुड़ी छोटी लेकिन बेहद जरूरी पहल है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि NTPC प्रबंधन इस मांग को गंभीरता से लेते हुए CSR अथवा अन्य उपयुक्त माध्यम से पहल करेगा। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने की स्थिति में अब NTPC ही उनकी आखिरी बड़ी उम्मीद नजर आ रही है।
एक छोटा कदम, कई बड़ी समस्याओं का समाधान…..
ग्रामीणों के मुताबिक, यदि NTPC द्वारा उचित स्थान पर गौशाला और डॉग शेल्टर का निर्माण कराया जाता है तो इससे एक साथ कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। सड़क पर घूमने वाले मवेशियों को सुरक्षित स्थान मिलेगा, दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा और आवारा कुत्तों के लिए भी सुरक्षित आश्रय उपलब्ध हो सकेगा। अब देखना होगा कि नए परियोजना प्रमुख के सामने रखी गई यह मांग इस बार फाइलों में सिमटती है या NTPC सीपत वास्तव में जमीन पर पहल कर ग्रामीणों की उम्मीद पूरी करता है।
