सेंदरी-मोपका & बैमा-नगोई बाईपास में चाकू-बेल्ट से राहगीरों को लूटा; 7 आरोपियों से 47 मोबाइल बरामद!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सेंदरी-मोपका और बैमा-नगोई बाईपास मार्ग पर राहगीरों को चाकू और बेल्ट से डराकर लूटपाट करने वाले गिरोह का सरकंडा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक विधि से संघर्षरत बालक समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से 47 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिल, 3 धारदार चाकू, बेल्ट और नगदी समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने बाईपास मार्ग पर अलग-अलग राहगीरों को निशाना बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। पहली घटना 16 अगस्त की रात बैमा-नगोई बाईपास रोड पर हुई, जहां टिकेश्वर मिश्रा को चार युवकों ने रोककर बेल्ट से मारपीट की और मोबाइल, बैग, एटीएम, पासबुक व अन्य सामान समेत करीब 20,500 रुपये का माल लूट लिया। इसी रात सेंदरी-मोपका बाईपास मार्ग पर अभिनव शास्त्री और नितेश यादव को चाकू दिखाकर मोबाइल फोन व अन्य दस्तावेज लूटे गए। दोनों मामलों में लूटे गए सामान की कीमत क्रमश: 11 हजार और 40 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा 11 अगस्त को हिमांशु सिंह को नगोई मंदिर जाते समय रास्ते में रोककर उसके दो मोबाइल, नगदी और अन्य सामान लूट लिया गया था।
ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तक……..
लगातार हो रही लूट की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य और मोपका चौकी प्रभारी उप निरीक्षक ओमप्रकाश कुर्रे के नेतृत्व में टीम ने संदिग्धों की जानकारी जुटाई और कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्यों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में चन्द्रभान साहू उर्फ नानू (18), अनिश सूर्यवंशी उर्फ जादू (20), अजय कुमार लोहार उर्फ जय उर्फ महेश विश्वकर्मा (22), करन सारथी (20), जानवीर सूर्यवंशी उर्फ जानी (18), लक्की विश्वकर्मा (18), आदिल अहमद (29) तथा एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल है।
चाकू भी बरामद, आर्म्स एक्ट की धारा जुड़ी…..
पुलिस ने आरोपी अनिश सूर्यवंशी के कब्जे से धारदार चाकू बरामद किया है। इसके बाद प्रकरण में आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। आरोपियों के कब्जे से 47 एंड्रॉयड/स्मार्ट मोबाइल, कॉलेज बैग, पासबुक, एटीएम कार्ड व अन्य दस्तावेज, 3 चाकू, बेल्ट और 3 मोटरसाइकिल जब्त की गई हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आदेशानुसार बाल अपचारी को बाल संप्रेक्षण गृह और अन्य आरोपियों को केंद्रीय जेल बिलासपुर भेजा गया।
