बैटरी बचाने की जिद में पूरी रात उफनते नाले में फंसा रहा युवक: ग्रामीणों की समझाइश ठुकराई, 3-4 फीट ऊपर बह रहे पानी में उतारी कार…सुबह एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला!

जांजगीर-चांपा: (प्रांशु क्षत्रिय) लगातार हो रही बारिश के चलते शिवरीनारायण तहसील के ग्राम तुस्मा स्थित पुराना कांजी नाला उफान पर है। प्रशासन और पुलिस की लगातार चेतावनी के बावजूद एक युवक ने जान जोखिम में डालते हुए उफनते नाले को कार से पार करने का प्रयास किया। तेज बहाव में कार बीच धारा में फंस गई और युवक पूरी रात उसी में बैठा रहा। शनिवार सुबह एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार खैरताल निवासी किशन कुमार खांडेकर अपनी तूफान कार से शिवरीनारायण से घर लौट रहे थे। रास्ते में ग्राम तुस्मा के पुराने कांजी नाले पर पानी सड़क से करीब तीन से चार फीट ऊपर बह रहा था। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें कई बार समझाया कि पानी का बहाव तेज है और वाहन लेकर नाले में प्रवेश करना खतरे से खाली नहीं है। ग्रामीणों ने पानी कम होने तक इंतजार करने की सलाह भी दी, लेकिन युवक ने चेतावनी को नजरअंदाज कर कार नाले में उतार दी। तेज बहाव के कारण कार बीच धारा में फंस गई। वाहन न आगे बढ़ सका और न ही पीछे लौट पाया। शनिवार सुबह घटना की सूचना प्रशासन को मिली, जिसके बाद पुलिस, स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। सावधानी पूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर युवक को सकुशल कार से बाहर निकाल लिया गया। युवक के सुरक्षित बाहर आने पर ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली। घटना के बाद प्रशासन ने एक बार फिर लोगों से बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा के समय सबसे महत्वपूर्ण मानव जीवन है, इसलिए चेतावनी संकेतों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।
बैटरी चोरी के डर से पूरी रात कार में बैठा रहा…….
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक पूरी रात कार के अंदर ही बैठा रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार उसे वाहन छोड़कर सुरक्षित बाहर निकलने के लिए कहा, लेकिन वह कार की बैटरी चोरी होने की आशंका के चलते बाहर आने को तैयार नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने युवक को समझाया कि बैटरी दोबारा खरीदी जा सकती है, लेकिन जान वापस नहीं मिलती। यदि रात में जलस्तर और बढ़ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
