बिलासपुर; अपोलो अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सख्त हुई कांग्रेस: कलेक्टर की मौजूदगी में हुई अहम बैठक अपोलो प्रबंधन ने मानी कमियां, सुविधाओं में सुधार और नई एम्बुलेंस का दिया भरोसा!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) अपोलो अस्पताल में उपचार के दौरान कथित लापरवाही और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल, जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, एम्बुलेंस व्यवस्था, चिकित्सा उपकरणों और अन्य सुविधाओं में सुधार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक से पहले जिला कांग्रेस कमेटी ने अपोलो अस्पताल प्रबंधन का घेराव कर सात दिनों के भीतर व्यवस्थाएं सुधारने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसपी रजनेश सिंह की मौजूदगी में अस्पताल प्रबंधन और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के बीच विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनी। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय केसरवानी ने कहा कि अपोलो अस्पताल में उपचार के दौरान लगातार लापरवाही की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने अस्पताल की सभी एम्बुलेंसों को तत्काल दुरुस्त करने, चिकित्सा उपकरणों को पूरी तरह कार्यशील बनाने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि शहरवासियों का वर्षों से अपोलो अस्पताल पर भरोसा रहा है, लेकिन हाल की घटनाओं ने इस विश्वास को कमजोर किया है। वहीं शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने बताया कि बैठक में अपोलो अस्पताल प्रबंधन ने अपनी कमियों को स्वीकार करते हुए कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि अस्पताल ने एक अत्याधुनिक एम्बुलेंस का ऑर्डर दे दिया है, जो अगले 15 से 20 दिनों में उपलब्ध हो जाएगी। बैठक में अस्पताल परिसर में काउंसलर डेस्क स्थापित करने का सुझाव भी रखा गया, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को सही विभाग और चिकित्सक तक पहुंचने में सुविधा मिल सके। इसके अलावा एयर एम्बुलेंस से जुड़े प्रोटोकॉल पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा कि आपात स्थिति में मरीज की जान सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए मानवता को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक निर्णय लिए जाने चाहिए। बैठक के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने यह भी जानकारी दी कि अस्पताल में कई नई अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं और कुछ अन्य उपकरण भी जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया। कांग्रेस ने बैठक में आयुष्मान भारत योजना के दायरे को गंभीर बीमारियों के उपचार तक प्रभावी ढंग से लागू करने की भी मांग उठाई। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि इस विषय पर प्रबंधन स्तर पर विचार कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
