सीपत; दर्राभांठा पंचायत में लाखों के खेल का आरोप: खेल मैदान से लेकर 22 लाख की निकासी तक जांच की मांग..शिकायतकर्ता ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) मस्तूरी जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत दर्राभांठा में पंचायत निधि के कथित दुरुपयोग को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर शिकायतकर्ता ने सरपंच एनल धृतलहरे पर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, पंचायत खातों से राशि निकासी पर रोक और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता, मानव अधिकार सहायता संस्थान भारत के जिला चेयरमैन देव (हीरो) सिंह सोनवानी ने आरोप लगाया है कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दर्राभांठा के खेल मैदान के निर्माण एवं समतलीकरण के नाम पर 1 लाख 30 हजार 700 रुपये का भुगतान चेक के माध्यम से आनंद कुमार राठौर के खाते में किया गया। आरोप है कि भुगतान होने के बावजूद विद्यालय परिसर में न तो समतलीकरण कराया गया और न ही मिट्टी, गिट्टी, रेत अथवा अन्य कोई निर्माण कार्य हुआ। शिकायतकर्ता का दावा है कि सूचना के अधिकार से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर विद्यालय पहुंचकर प्राचार्य, शिक्षकों और विद्यार्थियों से जानकारी ली गई, जहां सभी ने पंचायत द्वारा खेल मैदान में कोई कार्य नहीं कराए जाने की बात कही। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विद्यालय के प्राचार्य ने लिखित रूप से भी मैदान में किसी प्रकार का कार्य नहीं होने की जानकारी दी है।
सरपंच ने आरोपों से किया इनकार……
वहीं सरपंच एनल धृतलहरे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्य विद्यालय के खेल मैदान में नहीं, बल्कि स्कूल के सामने स्थित मैदान में कराया गया है। हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिस भूमि की बात सरपंच कर रहे हैं, उसका निर्माण पहले ही एनटीपीसी से प्राप्त राशि से कराया जा चुका है। ऐसे में पंचायत निधि से दोबारा भुगतान किए जाने की जांच आवश्यक है।
22 लाख रुपये की निकासी पर भी उठे सवाल…...
शिकायतकर्ता ने एक अन्य शिकायत कलेक्टर को सौंपते हुए आरोप लगाया है कि आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार ग्राम पंचायत दर्राभांठा में पंचायत मद से करीब 22 लाख रुपये की राशि निकाली जा चुकी है। उनका कहना है कि दस्तावेजों में राशि आहरित होने का उल्लेख तो है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह धनराशि किन विकास कार्यों पर खर्च की गई। इससे वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका पैदा होती है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि जांच पूरी होने तक ग्राम पंचायत के सभी बैंक खातों से राशि निकासी पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि किसी भी संभावित वित्तीय गड़बड़ी को रोका जा सके।
15 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, भूख हड़ताल की चेतावनी……
देव सिंह सोनवानी का आरोप है कि शिकायत किए 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अगले सप्ताह से कलेक्ट्रेट परिसर के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने मामले में कार्रवाई से बचाने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
