बिलासपुर; पेपर लीक और भर्ती घोटालों के खिलाफ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) देशभर में सामने आ रहे पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ दिया है। “छात्रों की गूंज” नाम से शुरू किए गए इस अभियान के तहत गुरुवार को बिलासपुर के अग्रसेन चौक स्थित ईस्ट पार्क होटल में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयवर्धन सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जयवर्धन सिंह ने कहा कि देश के लाखों छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा लगातार परीक्षा घोटालों, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी का खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों की मेहनत के बावजूद छात्रों को परीक्षा रद्द होने, परिणामों में विलंब और भर्ती प्रक्रियाओं में अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। हाल ही में हुए नीट यूजी परीक्षा विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हुआ है तथा सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने में विफल रही है। कांग्रेस ने प्रेस वार्ता के दौरान अपनी तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा कथित पेपर लीक नेटवर्क, संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की निष्पक्ष जांच। दूसरी, परीक्षा प्रणाली का व्यापक ऑडिट कर प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर परीक्षा केंद्रों और डिजिटल व्यवस्था तक की समीक्षा। तीसरी, सभी भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वार्षिक कैलेंडर लागू कर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना। जयवर्धन सिंह ने बताया कि “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत आगामी 40 दिनों तक देश के 28 प्रमुख शहरों में छात्र संवाद, जनसंपर्क अभियान, पर्चा वितरण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 1 अगस्त को देशभर में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा, जबकि अभियान का पहला चरण 9 अगस्त को समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि रोजगार, युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़ा राष्ट्रीय प्रश्न है। कांग्रेस का दावा है कि यह अभियान देश के छात्रों और युवाओं की आवाज बनकर सरकार को जवाबदेह बनाने का काम करेगा।
