बिलासपुर; 28 जून को जिलेभर में पल्स पोलियो अभियान: 2.78 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक; 1,520 बूथों पर चलेगा टीकाकरण अभियान, 29-30 जून को घर-घर पहुंचेंगी मॉप-अप टीमें; कलेक्टर ने दिए शत-प्रतिशत कवरेज के निर्देश!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 28 जून को बिलासपुर जिले में विशेष पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 2 लाख 78 हजार 149 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे। मंगलवार को आयोजित जिला टास्क फोर्स इम्यूनाइजेशन (डीटीएफआई) की बैठक में कलेक्टर ने अभियान के प्रभावी और शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में बताया गया कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में वाइल्ड पोलियो वायरस के संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार द्वारा यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। जिले में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 1,520 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे। 28 जून को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बूथ दिवस के दौरान सभी बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 29 और 30 जून को मॉप-अप अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा पिलाएंगी, जो बूथ दिवस पर छूट गए होंगे। विकासखंडवार लक्ष्य के अनुसार बिल्हा में 54,322 बच्चों के लिए 290 बूथ, कोटा में 39,075 बच्चों के लिए 263 बूथ, मस्तूरी में 50,945 बच्चों के लिए 278 बूथ, तखतपुर में 45,166 बच्चों के लिए 274 बूथ तथा शहरी बिलासपुर में 88,641 बच्चों के लिए 415 बूथ स्थापित किए जाएंगे। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बूथ, ट्रांजिट, मोबाइल और सुपरवाइजरी टीमों का गठन किया गया है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेला स्थल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को सूक्ष्म कार्ययोजना के अनुरूप कार्य करने के निर्देश देते हुए जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने कहा कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक बच्चे को बार-बार पोलियो की खुराक देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो बूथ तक अवश्य लेकर आएं और उन्हें पोलियो की दो बूंद पिलाकर सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करें। “दो बूंद जिंदगी की” के संदेश के साथ जिले में पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
