बिलासपुर में पहली बार अन्ननली के कैंसर की जटिल सर्जरी सफल, अपोलो हॉस्पिटल ने रचा नया कीर्तिमान; इसोफैजेक्टॉमी जैसी चुनौतीपूर्ण सर्जरी सफल, अब गंभीर कैंसर मरीजों को महानगरों की दौड़ से मिलेगी राहत!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी चिकित्सा उपलब्धि दर्ज हुई है। बिलासपुर स्थित अपोलो हॉस्पिटल में अन्ननली (फूड पाइप) के कैंसर से पीड़ित मरीज की अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण इसोफैजेक्टॉमी सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गई। इस कठिन ऑपरेशन का नेतृत्व वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अमोल पडेगांवकर और उनकी विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने किया। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इसोफैजेक्टॉमी को ऑन्को सर्जरी की सबसे जटिल प्रक्रियाओं में शामिल किया जाता है। इस सर्जरी में कैंसरग्रस्त अन्ननली के हिस्से को निकालकर पेट की सहायता से भोजन के लिए नया मार्ग तैयार किया जाता है। यह ऑपरेशन उच्च स्तरीय तकनीकी दक्षता, अनुभवी एनेस्थीसिया टीम, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं और बहु-विषयक विशेषज्ञों के समन्वित प्रयास से ही संभव हो पाता है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि इस जटिल सर्जरी की सफलता से अब छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के गंभीर कैंसर मरीजों को ऐसे उपचार के लिए दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद या अन्य महानगरों का रुख करने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी। अब उन्हें अपने ही प्रदेश में आधुनिक और विश्वस्तरीय कैंसर उपचार उपलब्ध हो सकेगा। इस अवसर पर डॉ. अमोल पडेगांवकर ने कहा कि अन्ननली के कैंसर का समय पर पता लगना उपचार की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक निगलने में परेशानी, बिना कारण तेजी से वजन कम होना, भोजन निगलते समय रुकावट महसूस होना या लगातार उल्टी जैसी समस्याएं हों, तो उन्हें तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान होने पर उपचार के परिणाम कहीं अधिक प्रभावी होते हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर डॉ. अमोल पडेगांवकर सहित सर्जिकल, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, नर्सिंग एवं सहयोगी टीम को बधाई देते हुए कहा कि अपोलो हॉस्पिटल, बिलासपुर अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और उन्नत कैंसर उपचार को प्रदेशवासियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

