कटघोरा में अटल प्रतिमा घोटाले पर फूटा जनाक्रोश, FIR की मांग को लेकर अटल परिसर में धरना..युंका नेताओं विकास, एहतेशाम के नेतृत्व में प्रदर्शन, बोले- सिर्फ निलंबन नहीं, दोषियों को भेजो जेल!

कटघोरा: (प्रांशु क्षत्रिय) पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा निर्माण में सामने आई कथित अनियमितताओं को लेकर कटघोरा में जनाक्रोश तेज हो गया है। शुक्रवार को युवा कांग्रेस नेता विकास सिंह और एहतेशाम ईशाक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने अटल परिसर में धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार बंद करो, अटल जी का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, दोषियों पर FIR करो और भ्रष्टाचारियों को जेल भेजो जैसी तख्तियां हाथों में लेकर नारेबाजी की। अटल परिसर भ्रष्टाचार विरोधी नारों से गूंज उठा और प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार केवल औपचारिक कार्रवाई कर पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। युवा कांग्रेस नेता विकास सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी पूरे देश के सम्मान और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा निर्माण में कथित तौर पर घटिया सामग्री का उपयोग और भ्रष्टाचार केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि देशवासियों की भावनाओं का भी अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिमा के हिस्सों का उखड़ना निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार का प्रमाण है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। युवा कांग्रेस नेता एहतेशाम ईशाक ने कहा कि सरकार केवल निलंबन जैसी कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिमा निर्माण में कई स्तरों पर अनियमितताएं हुई हैं, इसलिए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर सभी जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कटघोरा की जनता अब भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब सार्वजनिक धन से बनने वाली राष्ट्रीय नेताओं की प्रतिमाओं में भी भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने लगें, तो यह शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो आंदोलन को जिलेभर में चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 31 जुलाई को जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर पंचायत मारो के उप अभियंता चन्द्र प्रकाश जायसवाल को निलंबित कर दिया था। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल एक अधिकारी के निलंबन से पूरे मामले की जिम्मेदारी तय नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि प्रतिमा निर्माण में कई स्तरों पर भ्रष्टाचार और लापरवाही हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। कटघोरा में अटल प्रतिमा को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए तो आंदोलन आने वाले दिनों में और उग्र रूप ले सकता है।
