हाईकोर्ट की सख्ती का असर; सिम्स के बाहर चला अतिक्रमण हटाओ अभियान..जाम और अवैध पार्किंग पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, सड़क से हटे ऑटो और अतिक्रमण!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आखिरकार सिम्स अस्पताल के आसपास वर्षों से बनी यातायात अव्यवस्था और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। हाईकोर्ट में लंबित जनहित याचिका के निर्देशों के पालन में शनिवार को सिम्स प्रबंधन, नगर निगम और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने सिम्स मार्ग पर अतिक्रमण हटाने और अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की। अभियान के दौरान सिम्स के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. रमणेश मूर्ति और नगर निगम उपायुक्त अंकुर पांडेय की मौजूदगी में सड़क किनारे खड़े ऑटो हटवाए गए, अव्यवस्थित तरीके से पार्क किए गए वाहनों को हटाया गया तथा सड़क तक सामान फैलाकर व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अस्पताल मार्ग पर अवैध पार्किंग और सड़क पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोबारा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सिम्स आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और एम्बुलेंस को जाम से राहत दिलाना है। इसी क्रम में शुक्रवार को हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सिम्स अस्पताल के आसपास यातायात और पार्किंग व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारने के लिए संयुक्त बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में सिम्स प्रबंधन, यातायात पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों ने अस्पताल क्षेत्र के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक यातायात व्यवस्था तैयार करने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में रिवर व्यू रोड से सदर बाजार की ओर जाने वाले मार्ग पर लगातार लगने वाले जाम को लेकर गंभीर मंथन हुआ। अधिकारियों ने माना कि सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग, गुमटियों और ठेलों का अतिक्रमण, निजी एम्बुलेंसों की अव्यवस्थित पार्किंग तथा दुकानों के बाहर खड़े वाहनों के कारण यातायात प्रभावित होता है। इसका सबसे अधिक असर गंभीर मरीजों, सड़क दुर्घटना में घायल लोगों, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपातकालीन मरीजों पर पड़ता है, जिन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई होती है। बैठक में अस्पताल क्षेत्र को पूरी तरह जाममुक्त और आपातकालीन सेवाओं के अनुकूल बनाने के लिए पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन, निजी एम्बुलेंसों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था, सड़क किनारे अतिक्रमण का नियमन, नो-पार्किंग जोन का निर्धारण, आवश्यक यातायात संकेतक लगाने तथा नियमित निगरानी की कार्ययोजना पर सहमति बनी। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सिम्स प्रदेश का प्रमुख शासकीय चिकित्सालय है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में गंभीर और आपातकालीन मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल के आसपास सुगम यातायात व्यवस्था केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि मरीजों के जीवन की सुरक्षा से भी जुड़ा है। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। यदि एम्बुलेंस जाम में फंसती है तो उपचार शुरू होने में देरी हो सकती है, इसलिए प्रभावी यातायात प्रबंधन बेहद जरूरी है। बैठक में नगर निगम उपायुक्त अंकुर पांडेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, यातायात डीएसपी शिवचरण सिंह परिहार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों ने संयुक्त कार्ययोजना बनाकर चरणबद्ध तरीके से सुधारात्मक कार्रवाई जारी रखने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि सिम्स मार्ग लंबे समय से अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और जाम की समस्या से जूझ रहा है। कई बार एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती हैं, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है।
