बिलासपुर; विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश, वृक्षारोपण और प्रतियोगिताओं से जागरूकता की अलख!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बिलासपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रमों में वृक्षारोपण, निःशुल्क पौधा वितरण, विद्यालयों में चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताएं तथा पर्यावरण संरक्षण विषयक जनजागरूकता गतिविधियां शामिल रहीं। इसी क्रम में तिलक नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति तथा वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस का मुख्य आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “जलवायु परिवर्तन” को केंद्र में रखते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बच्चों के लिए आयु वर्ग के अनुसार चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें नन्हे प्रतिभागियों ने वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, जल संरक्षण एवं प्लास्टिक प्रदूषण जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरणीय चुनौतियों और उनके समाधान पर अपने विचार व्यक्त किए। इसके अलावा फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने पेड़, धरती, जल और प्रकृति संरक्षण से जुड़े पात्रों का रूप धारण कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में पर्यावरण विचार संगोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जहां वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे और प्रकृति संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वन विभाग की ओर से आम नागरिकों को निःशुल्क पौधों का वितरण किया गया तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में लगाए गए पौधों की देखरेख और संरक्षण का संदेश भी दिया गया, ताकि वृक्षारोपण केवल औपचारिकता न बनकर पर्यावरण संरक्षण का स्थायी अभियान बने। रेंजर यशपाल वर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। यदि वर्तमान पीढ़ी प्रकृति के प्रति सजग नहीं हुई तो आने वाले समय में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियां और गंभीर रूप ले सकती हैं। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। आयोजन में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, पर्यावरण प्रेमी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
