सीपत में मानवता शर्मसार; मुक्तिधाम की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मचाया भारी बवाल..दफन शव निकालकर फेंसिंग करने का सनसनीखेज आरोप!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) मस्तूरी जनपद के सीपत तहसील अंतर्गत ग्राम सीपत में बुधवार की सुबह उस वक्त भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा एक अवैध कब्जेधारी के खिलाफ फूट पड़ा। ग्रामीणों ने रसूख की धौंस दिखाने वाले कब्जेधारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले में सनसनीखेज खुलासा करते हुए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि ग्राम रामपुर क्षेत्र के ढोढ़ी निवासी रामखिलावन पटेल, जो पिछले 8 वर्षों से सीपत के सूर्यवंशी मोहल्ले में रह रहा है, उसने न केवल सरकारी जमीन पर डाका डाला है बल्कि आस्था और मानवीय संवेदनाओं को भी तार-तार कर दिया है। आरोप है कि रामखिलावन की निजी भूमि मात्र 60 डिसमिल है, लेकिन उसने इसके सामने स्थित मुक्तिधाम की करीब तीन एकड़ बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा कर वहां न केवल अपना आलीशान मकान तान दिया है, बल्कि पूरी जमीन की घेराबंदी कर बाड़ी भी बना ली है। हद तो तब हो गई जब ग्रामीणों ने यह आरोप लगाया कि करीब एक माह पूर्व गांव के रामकुमार सूर्यवंशी के निधन के बाद उन्हें इसी मुक्तिधाम में दफनाया गया था, लेकिन भू-माफिया की मानसिकता रखने वाले रामखिलावन ने दफनाए गए शव को वहां से हटवा दिया और उस स्थान पर मिट्टी डलवाकर रातों-रात फेंसिंग करवा दी। इस अमानवीय कृत्य को लेकर पूरे गांव में भारी आक्रोश व्याप्त है। यही नहीं नियमों को ताक पर रखकर रामखिलावन ने घनी बस्ती के बीचों-बीच पोल्ट्री फार्म भी खोल रखा है, जिससे निकलने वाली दुर्गंध और गंदगी ने मोहल्ले वासियों का जीना मुहाल कर दिया है। जब भी कोई ग्रामीण इस अवैध कब्जे या पोल्ट्री फार्म का विरोध करने की हिम्मत जुटाता है, तो आरोपी अपनी ऊंची पहुंच और रसूख का हवाला देकर उन्हें सीधे तौर पर धमकाता है। बुधवार को मौके पर पहुंचे जनपद सदस्य मनोज खरे, सरपंच प्रतिनिधि योगेश वंशकार और द्वारिका सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एक स्वर में इस तानाशाही के खिलाफ आवाज बुलंद की।

जनप्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी के शव के साथ छेड़छाड़ करना और सार्वजनिक मुक्तिधाम को निजी जागीर समझना अक्षम्य अपराध है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि रामखिलावन पटेल ने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए केवल बस्ती में पोल्ट्री फार्म होने की बात स्वीकार की है और कब्जे व शव निकालने की बात से पल्ला झाड़ लिया है। मौके पर मौजूद लच्छी वर्मा, पोषण सत्यार्थी, दिनेश विजय, वीरेंद्र सूर्या सहित समस्त ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कब्जे को तत्काल हटाने और दोषी पर कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है ताकि भविष्य में कोई भी सार्वजनिक संपत्तियों पर नजर डालने की जुर्रत न कर सके।

