बिलासपुर में समीक्षा बैठक: महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता; राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष विजया रहटकर भी मौजूद!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहटकर ने बुधवार को बिलासपुर प्रवास के दौरान महिला सुरक्षा और उत्पीड़न से जुड़े मामलों की व्यापक समीक्षा की। मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में महिलाओं के खिलाफ अपराध, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, बाल विवाह, मानव तस्करी, टोनही प्रथा, सामाजिक बहिष्कार और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और संवेदनशील सामाजिक वातावरण से भी जुड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई, समयबद्ध जांच और पीड़िताओं को तत्काल सहायता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही थानों और संबंधित विभागों को महिला प्रकरणों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने तथा पीड़ित महिलाओं को कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में संचालित महिला सुरक्षा योजनाओं, वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन और जागरूकता अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। वहीं, एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि महिला अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित निगरानी, त्वरित शिकायत पंजीयन और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त की जा रही है। बैठक के अंत में आयोग अध्यक्ष ने पुलिस के ‘चेतना अभियान’ पर आधारित लघु फिल्म की सराहना की और आयोग की ‘तेरे मेरे सपने’ योजना को जिले में लागू करने का सुझाव दिया। इस योजना के तहत विवाह पूर्व परामर्श केंद्र स्थापित कर युवाओं को आपसी समझ बढ़ाने में मदद दी जाएगी। उन्होंने बिहान समूह की सफल महिला उद्यमियों और ‘लखपति दीदियों’ से भी संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


















