वेदांता लिमिटेड पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट, 20 मजदूरों की मौत…जांच के आदेश, मुआवजे का ऐलान!

सक्ति: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले स्थित वेदांता लिमिटेड के थर्मल पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस दर्दनाक घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है। इनमें से 4 मजदूरों की मौके पर ही जान गई, जबकि 14 ने रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ा। वहीं 2 मजदूरों की मौत रायपुर के कालड़ा अस्पताल में हुई। हादसे में कुल 36 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से 16 का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। मृतकों में 5 छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जबकि बाकी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखते हैं। हादसे के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन हादसे के कारणों और जिम्मेदारों की जांच में जुट गया है। मुआवजे का ऐलान – वेदांता प्रबंधन मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और नौकरी, घायलों को 15-15 लाख रुपए। PMO (PMNRF) मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए, घायलों को 50 हजार रुपए। राज्य सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुख व्यक्त करते हुए। मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए, घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की रायगढ़ के बालाजी मेट्रो अस्पताल में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है। वहीं उमेंद्र और किस्मत अली का उपचार रायपुर के निजी अस्पताल में चल रहा है। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में 7 शवों का पोस्टमॉर्टम पूरा हो चुका है, जबकि 5 मृतकों के परिजनों के न पहुंचने के कारण पोस्टमॉर्टम आज किया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने घटना को बेहद पीड़ादायक बताते हुए। मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए, घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि हादसे की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और दोषियों पर श्रम कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।
