आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिली ‘घटिया साड़ियाँ’ पर बवाल, महिला कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन!

रायपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वितरित की गई साड़ियों को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। महिला कांग्रेस ने इस मुद्दे को महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही शिल्पी तिवारी ने कहा कि यह मामला केवल कपड़ों का नहीं, बल्कि महिलाओं की अस्मिता का है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को दी गई साड़ियाँ निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। जहां साड़ी की लंबाई साढ़े पांच मीटर होनी चाहिए, वहां मात्र पांच मीटर या उससे भी कम लंबाई की साड़ियाँ वितरित की गई हैं। महिला कांग्रेस नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब छत्तीसगढ़ में कुशल बुनकर उपलब्ध हैं, तो सूरत से साड़ियाँ मंगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उनका दावा है कि सरकारी दस्तावेजों में जिस साड़ी की कीमत 500 रुपये दर्शाई गई है, उसकी वास्तविक बाजार कीमत लगभग 50 रुपये है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के उस बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी गई, जिसमें उन्होंने साड़ियों की गुणवत्ता को सही बताया था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि धोने के बाद साड़ियाँ सिकुड़ रही हैं, जो गुणवत्ता में कमी और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
महिला कांग्रेस का हल्लाबोल, ‘कमीशनखोरी’ का आरोप…..
शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष पिंकी निर्मल बत्रा सहित अन्य नेताओं ने पूरे मामले को ‘कमीशनखोरी का खेल’ करार दिया। उनका कहना है कि एक महिला मंत्री द्वारा महिलाओं की जरूरतों और सम्मान की अनदेखी करना बेहद निंदनीय है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है।
इस्तीफे की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी……
महिला कांग्रेस ने केवल पुतला दहन तक ही सीमित न रहते हुए इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के इस्तीफे की मांग की है। स्वर्णा शुक्ला समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।


















