बिलासपुर; कलेक्टर-एसएसपी की बैठक में अहम फैसले: जनसहभागिता से शहर में बढ़ेगा CCTV नेटवर्क, सुरक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शहर में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से त्रिनेत्र सेवा समिति की महत्वपूर्ण बैठक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर, तारबाहर में आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने की। बैठक में निर्णय लिया गया कि शहरभर में जनसहभागिता के माध्यम से सीसीटीवी कैमरों का व्यापक विस्तार किया जाएगा। इससे अपराधों पर त्वरित नियंत्रण और आरोपियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा, सुगम यातायात व्यवस्था और नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। समिति के विस्तार के तहत सांसद और विधायकों के साथ आयुक्त बिलासपुर संभाग एवं पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज को पदेन मुख्य संरक्षक बनाया जाएगा। वहीं कलेक्टर, एसएसपी, नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत सीईओ सहित रेलवे, एसईसीएल, एनटीपीसी, अपोलो अस्पताल और रेडक्रॉस के वरिष्ठ अधिकारियों को पदेन संरक्षक बनाए जाने का निर्णय लिया गया। तकनीकी समिति में साइबर सेल, स्मार्ट सिटी के प्रतिनिधि और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। प्रबंध कार्यकारिणी में रामावतार अग्रवाल को अध्यक्ष, नवदीप अरोरा को कार्यकारी अध्यक्ष, सतीश शाह को सचिव, मनीष सखूजा को कोषाध्यक्ष और ललित अग्रवाल को सह-कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बैठक में करीब 60 सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों को समिति का सदस्य बनाया गया। साथ ही समिति का कार्यालय इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर में ही संचालित करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने शहर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की वर्तमान निगरानी प्रणाली की जानकारी साझा की, जिसकी उपस्थित सदस्यों ने सराहना की। बैठक में यह सुझाव भी सामने आया कि बड़े उद्योगों के साथ छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए, ताकि योजना का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके। बैठक में शहर के कई गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में सुरेंद्र गुम्बर ने आभार व्यक्त किया।
