छत्तीसगढ़ में ASF का कहर: 300 सूअरों की मौत, 150 को मारकर दफनाया!

दुर्ग: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया है। दुर्ग जिले के नारधा-मुडपार गांव स्थित एक बड़े सूअर फार्म में इस खतरनाक वायरस से 300 से अधिक सूअरों की मौत हो गई। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए पशुपालन विभाग ने बचे हुए करीब 150 सूअरों को भी इंजेक्शन देकर मार दिया और सभी को दफना दिया। सोमवार को विभाग की टीम PPE किट पहनकर फार्म पहुंची और पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन अब पूरे फार्म को सील करने की तैयारी में है। फार्म मालिक पीओ जॉय के अनुसार, 1 अप्रैल से सूअरों की मौत शुरू हुई थी और 6 अप्रैल तक भारी नुकसान हो चुका था। उन्होंने बताया कि प्रति सूअर लगभग 30 हजार रुपए की कीमत के हिसाब से करीब 1.20 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। फार्म में गर्भवती सूअर और छोटे बच्चे भी थे, जिन्हें भी मारना पड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार ASF एक वायरल बीमारी है, जिसका कोई इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है और संक्रमित सूअरों में मृत्यु दर लगभग 100% होती है। हालांकि यह बीमारी इंसानों में नहीं फैलती, फिर भी संक्रमित मांस से बचने की सलाह दी गई है। राज्य के अन्य जिलों जैसे बलौदा बाजार और महासमुंद के कुछ इलाकों में भी सूअरों की संदिग्ध मौतें सामने आई हैं। प्रशासन और पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर है। ASF का बढ़ता प्रकोप सूअर पालन उद्योग और अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
