बिलासपुर; 3000 नशीले टैबलेट मामले में नया मोड़, परिजनों ने सरकंडा पुलिस की कार्रवाई को बताया साजिश..महिला की गिरफ्तारी पर उठे सवाल, परिवार बोला, तलाक के विवाद में फंसाया गया!

बिलासपुर। जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र में नशीले टैबलेट की बरामदगी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। सरकंडा पुलिस की कार्रवाई के बाद जहां एक ओर महिला को जेल भेज दिया गया, वहीं दूसरी ओर परिजनों और स्थानीय लोगों ने इस पूरी कार्रवाई को साजिश बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के मुताबिक 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के दिन सरकंडा पुलिस ने इंदिरा विहार निवासी रानी सिंह के घर पर छापेमार कार्रवाई की थी। इस दौरान पुलिस ने करीब 3000 नशीले टैबलेट बरामद करने का दावा किया और रानी सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना के बाद मोहल्ले के बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर एसपी कार्यालय पहुंचे और महिला को निर्दोष बताते हुए न्याय की मांग की। लोगों का कहना था कि रानी सिंह का इस तरह के अवैध कार्यों से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें जबरन फंसाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकंडा थाना में पदस्थ एएसआई शैलेंद्र सिंह और थाना प्रभारी प्रदीप आर्य पर गलत तरीके से कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि मांग पूरी नहीं होने पर रानी सिंह के भाई शिवराज सिंह ठाकुर ने भी शासन-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें अब तक कोई राहत नहीं मिली। मंगलवार को एक बार फिर शिवराज सिंह मीडिया के सामने आए और परिवार की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि रानी सिंह के जेल जाने के बाद उनकी दो छोटी बेटियां बेसहारा हो गई हैं और मानसिक तनाव में जी रही हैं। पिता बीते 12 वर्षों से परिवार से अलग हैं, ऐसे में बच्चों पर संकट और बढ़ गया है। हाल ही में एक बच्ची बीमार पड़ गई, जिसे बिलासपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं रानी सिंह की मां भी सदमे के कारण दुर्ग-भिलाई के एक अस्पताल में इलाजरत हैं। शिवराज सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बहनोई रामकिशोर सिंह लंबे समय से दूसरी महिला के साथ रह रहे हैं और रानी सिंह पर तलाक का दबाव बना रहे थे। बहन द्वारा बच्चों के भरण-पोषण के चलते तलाक से इनकार करने पर उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकंडा थाने में पदस्थ एएसआई शैलेंद्र सिंह का पारिवारिक संबंध रामकिशोर सिंह की दूसरी पत्नी से है, जिसके चलते रानी सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत जबरन कार्रवाई की गई। परिवार का यह भी कहना है कि मामले में चालान को जानबूझकर कोर्ट में पेश नहीं किया जा रहा है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। शिवराज सिंह ने शासन-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बहन को साजिश के तहत फंसाया गया है और सच्चाई सामने आनी चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कार्रवाई सही थी या किसी साजिश का हिस्सा।


















