बिलासपुर के गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में TPO नियुक्ति पर बवाल; एनएसयूआई का हंगामा, करोड़ों की गड़बड़ी के आरोप!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी (TPO) की नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के खिलाफ एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव अश्वनी दीक्षित को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय में TPO का पद स्वीकृत ही नहीं था, इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए नियुक्ति कर दी गई। इतना ही नहीं, बिना यूजीसी और सक्षम प्राधिकरण की अनुमति के छात्र-छात्राओं की फीस (IRG फंड) से वेतन भुगतान किया जाना गंभीर वित्तीय अनियमितता बताया गया है। एनएसयूआई का दावा है कि इस मद से अब तक करीब 1 से 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। संगठन ने चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि चयन में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया, उम्मीदवारों को निर्धारित से अधिक अंक दिए गए, अप्रमाणित डिग्री के आधार पर चयन किया गया और अनुभव का गलत मूल्यांकन किया गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 और 2025 में गठित जांच समितियों ने भी इस भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता पाई थी, इसके बावजूद भुगतान जारी रहना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। एनएसयूआई प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने कहा कि पूरे मामले में विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच केंद्रीय स्तर पर कराई जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारी को तत्काल पद से हटाने, एफआईआर दर्ज करने और अब तक किए गए भुगतान की वसूली की मांग की है। एनएसयूआई ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इस दौरान ज्ञापन सौंपने में पुष्पराज साहू, करण यादव, राजा खान, गौरव सिंह, मनेन्द्र अनंत, अतुल रजक, श्रवण यादव, प्रशांत पाल, बिट्टू मानिकपुरी, दद्दू यादव, गौकरण साहू, सुमित मानिकपुरी और आशीष यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
