बिलासपुर; बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार की हत्या के बाद चार बाल अपचारी फरार..सर्च डॉग ने कोरबा-रायगढ़ दिशा की ओर दिए सुराग..सीबीआई जांच और 5 करोड़ मुआवजे की मांग!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में रविवार देर रात हुई चौकीदार की निर्मम हत्या ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। संविदा पर कार्यरत चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे (40) पिता केदु खांडे की हाथ-पैर बांधकर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच के अनुसार वारदात को चार बाल अपचारियों ने अंजाम दिया और इसके बाद वे मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। मृतक नरेंद्र खांडे तखतपुर क्षेत्र के ग्राम अरईबंद के निवासी थे और पिछले करीब दो वर्षों से संविदा पर बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार के रूप में कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे चारों बाल अपचारियों ने पहले उनके साथ मारपीट की, फिर हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद गला दबाकर और मुंह में गमछा ठूंसकर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद चारों आरोपी बाल संप्रेक्षण गृह से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं।
सर्च डॉग ने कोरबा-रायगढ़ दिशा की ओर दिए संकेत…...
शहर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल ने बताया कि पुलिस ने सर्च डॉग और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच शुरू की है। प्रारंभिक जांच में सर्च डॉग की गतिविधियों से यह संकेत मिले हैं कि आरोपी कोरबा से रायगढ़ की दिशा में भागे हो सकते हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अशोक नगर क्षेत्र तक सर्च डॉग का मूवमेंट मिला, जिसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल…...
इस घटना ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर कानून से संघर्षरत बाल अपचारियों की निगरानी की जिम्मेदारी होती है, वहीं चौकीदार की हत्या और चार बाल अपचारियों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
CBI जांच, 5 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग……
खबर लिखे जाने तक मृतक के परिजन, भीम आर्मी और सतनामी समाज के लोग घटनास्थल पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने मामले की सीबीआई जांच, मृतक के परिजनों को 5 करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा चारों बच्चों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी शासन द्वारा उठाने की मांग की।
चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया……..
मृतक की भाभी आशा खांडे ने बताया कि नरेंद्र खांडे परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके चार बच्चे हैं—नितेश (19 वर्ष), रितेश (17 वर्ष), आकांक्षा (15 वर्ष) और जितेश। उन्होंने बताया कि करीब दो वर्ष पहले नरेंद्र की संविदा पर चौकीदार के रूप में नियुक्ति हुई थी और रोज की तरह सोमवार रात भी वे ड्यूटी पर गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे।
स्थानांतरण के बावजूद नहीं मिली जॉइनिंग, विभाग पर गंभीर आरोप………
भीम आर्मी और सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नरेंद्र खांडे का 13 मार्च 2026 को संभाग आयुक्त कार्यालय में स्थानांतरण आदेश जारी हो चुका था, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण तीन महीने बाद भी उन्हें नई जगह जॉइनिंग नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों ने भी पूरे मामले में विभागीय जिम्मेदारी तय करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल सरकंडा थाना पुलिस हत्या और फरार बाल अपचारियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच हर पहलू से की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
