सीवी रमन यूनिवर्सिटी से लापता छात्र का 11 दिन बाद भी सुराग नहीं, एनएसयूआई ने मचाया हंगामा…प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) कोटा क्षेत्र स्थित डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी से लापता बी-फार्मा के छात्र रोहित कुमार का 11 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। छात्र के अचानक गायब होने से परिजन गहरे सदमे और चिंता में हैं, वहीं पुलिस जांच अब तक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। सोमवार को इस मामले को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के छात्र नेता यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे और प्रबंधन से चर्चा की। इस दौरान लापता छात्र के परिजन भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। छात्र नेताओं ने कहा कि इतने बड़े विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कैंपस में प्रवेश और निकास का रिकॉर्ड कैसे रखा जाता है, विजिटर रजिस्टर की व्यवस्था क्या है और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन-कौन से ठोस कदम उठाए गए हैं। बताया गया कि पूरे कैंपस में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं और सुरक्षा व्यवस्था महज करीब आठ गार्डों के भरोसे चल रही है। इन खामियों को लेकर छात्र नेताओं और परिजनों में भारी नाराजगी देखी गई।
संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया प्रबंधन……..
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन छात्र नेताओं के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इससे नाराज एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप…..
रोहित कुमार, जो बिहार के गया जिले का निवासी है, संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुआ है। परिजनों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की लापरवाही और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था के कारण यह घटना हुई। उनका कहना है कि यदि कैंपस में पर्याप्त निगरानी और सीसीटीवी व्यवस्था होती, तो सच्चाई सामने आ सकती थी।
दर-दर भटक रहे परिजन, पुलिस जांच जारी…….
करीब 264 घंटे बीत जाने के बाद भी छात्र का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजन बेटे की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन समय बीतने के साथ परिजनों की चिंता और बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं यूनिवर्सिटी प्रबंधन इस मामले में खुलकर कुछ भी कहने से बचता नजर आ रहा है।

