नवा रायपुर में सड़क हादसा: बाइक डिवाइडर से टकराई, घायल युवक की इलाज के दौरान मौत!

नवा रायपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सीबीडी स्टेशन के सामने बुधवार देर रात हुए सड़क हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना मंदिर हसौद थाना क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान अक्षय धकाते, निवासी नागपुर के रूप में हुई है। वह नवा रायपुर के सेक्टर-30 में रहता था और यूनियन बैंक में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि 11 मार्च की रात करीब 12 बजे वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान सीबीडी स्टेशन के सामने उसकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने घायल युवक की मदद की और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस और एंबुलेंस करीब 40 मिनट बाद मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस ने घायल युवक को राखी स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मंदिर हसौद थाना प्रभारी आशीष यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।
राहगीर ने की मदद….
घटना के प्रत्यक्षदर्शी सुनील भटकर ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ मे-फेयर में फोटोशूट खत्म कर रात करीब 11:30 बजे रायपुर लौट रहे थे। सीबीडी स्टेशन के पास एक गाड़ी का हॉर्न लगातार बज रहा था। रुककर देखने पर सड़क किनारे एक युवक गंभीर हालत में पड़ा मिला और उसकी बाइक क्षतिग्रस्त हालत में पास में पड़ी थी। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी और युवक की मदद की।
संसाधनों की कमी से जूझ रहा राखी का सिविल अस्पताल…
इधर, नवा रायपुर के राखी स्थित 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल में संसाधनों की कमी भी सामने आई है। यहां रोजाना ओपीडी में 150 से 200 मरीज पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल केवल दो डॉक्टरों और सीमित स्टाफ के भरोसे संचालित हो रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद खाली हैं, वहीं नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय, फार्मासिस्ट और तकनीकी कर्मचारियों की भी कमी बनी हुई है। दवाइयों की अनियमित आपूर्ति के कारण कई बार मरीजों को सामान्य बीमारियों की दवाएं भी बाहर से खरीदनी पड़ती हैं।
