चंद्रग्रहण के चलते तीन दिन अलर्ट पर सीपत, होलिका दहन को लेकर असमंजस..शांति समिति की बैठक में सख्त निर्देश: जबरन रंग, हुड़दंग और डीजे पर रोक, व्यापारियों से बेहतर सीसीटीवी लगाने की अपील!

सीपत: (प्रांशु क्षत्रिय) इस वर्ष 3 मार्च को पड़ रहे चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन की तिथि को लेकर सीपत क्षेत्र में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कुछ गांवों में 2 मार्च की रात होलिका दहन होगा तो कुछ में 3 मार्च को, जबकि रंगोत्सव 4 मार्च को मनाया जाएगा। ऐसे में 2, 3 और 4 मार्च तक लगातार तीन दिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अभी से सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। रविवार को थाना-सीपत परिसर में शांति समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार सोनू अग्रवाल ने की, जबकि थाना प्रभारी राजेश मिश्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। तहसीलदार सोनू अग्रवाल ने कहा कि होली और रमजान जैसे महत्वपूर्ण पर्वों का एक साथ पड़ना आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल पेश करने का अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहार के नाम पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केमिकल युक्त रंगों से परहेज करने, जो लोग होली नहीं खेलना चाहते उन्हें जबरदस्ती रंग न लगाने, सड़क रोककर अवैध वसूली न करने और मुखौटा पहनने पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कई अपराध मुखौटे की आड़ में होते हैं, इसलिए इस पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने बताया कि तीनों दिन क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जाएगी। चारों दिशाओं में गश्त और प्वाइंट पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है तथा चार अलग-अलग पेट्रोलिंग पार्टियां लगातार भ्रमण करेंगी। उन्होंने अपील की कि यथासंभव रात्रि 10 बजे तक होलिका दहन संपन्न कर लिया जाए और स्थल पर ज्वलनशील पदार्थ न रखा जाए। राहगीरों को परेशान करने, रोड जाम करने, मोहल्लों में उपद्रव करने, शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए सीधे जेल भेजने की चेतावनी दी गई। कानफोड़ू साइलेंसर, तेज हॉर्न, नशे में तीन सवारी वाहन चलाना और डीजे बजाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। व्यापारियों से बेहतर गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाने और सड़क कवर करने की अपील भी की गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को साक्ष्य मिल सके। बैठक में भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा ने सुझाव दिया कि हुड़दंगियों की सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाए, जिससे लोग निर्भीक होकर प्रशासन का सहयोग कर सकें। जनप्रतिनिधियों ने पुलिस मित्रों को सक्रिय करने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त बढ़ाने और सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। खम्हरिया मड़ई क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी विशेष गश्त की मांग रखी। बैठक का संचालन पत्रकार रियाज अशरफी ने किया तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि होली का पर्व प्रेम, सौहार्द और संस्कार के साथ मनाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र में शांति और सद्भाव कायम रखा जा सके।


















