बिलासपुर; मां की गिरफ्तारी से सदमे में बेटे ने लगाई फांसी..सर्पदंश मुआवजा फर्जीवाड़े में दर्ज थी एफआईआर, तखतपुर क्षेत्र में सनसनी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र में एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। सर्पदंश मुआवजा प्रकरण में मां की गिरफ्तारी से आहत एक युवक ने घर लौटकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम चना डोंगरी निवासी कमलेश श्रीवास (20) पिता स्वर्गीय पुरुषोत्तम श्रीवास शुक्रवार को अपनी मां उर्वशी श्रीवास के साथ तखतपुर थाने पहुंचे थे। आपदा राहत योजना के तहत प्राप्त राशि में कथित फर्जीवाड़े के मामले में बयान दर्ज कराने के लिए दोनों को बुलाया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने उर्वशी श्रीवास की गिरफ्तारी की सूचना दी, जिससे कमलेश गहरे सदमे में आ गया। बताया जाता है कि कमलेश ने मां से “मैं अभी वापस आता हूं” कहकर घर की ओर रुख किया। घर पहुंचकर उसने छज्जे में लगे पाइप से गमछे के सहारे फांसी लगा ली। उसकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने डायल-112 को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
ऐसे हुआ कथित फर्जीवाड़ा……
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक के पिता पुरुषोत्तम श्रीवास की मृत्यु लकवे से हुई थी। आरोप है कि एक गिरोह ने परिवार को सर्पदंश से मौत दर्शाकर आपदा राहत मद से चार लाख रुपये दिलाने का झांसा दिया। गिरोह के झांसे में आकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए और फर्जी कागजात तैयार कर राशि आहरित कर ली गई। बताया जा रहा है कि निकाली गई राशि में से उर्वशी श्रीवास को करीब 50 हजार रुपये ही मिले, जबकि शेष रकम कथित तौर पर गिरोह के सदस्यों में बंट गई। जांच में मर्ग इंटीमेशन, तहसीलदार के हस्ताक्षर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट संदिग्ध/फर्जी पाए गए। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार ने तखतपुर थाने में अपराध दर्ज कराया, जिसके तहत उर्वशी श्रीवास को गिरफ्तार किया गया था।
गिरोह की भूमिका की जांच……
पुलिस के अनुसार पूरे फर्जीवाड़ा गिरोह की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है। युवक की आत्महत्या के बाद प्रशासन और पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान संवेदनशीलता बरती गई थी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। घटना ने क्षेत्र में गहरा असर छोड़ा है और ग्रामीणों में शोक व्याप्त है।
