बिलासपुर में 15वें वित्त आयोग की राशि में 24.70 लाख का घोटाला..पूर्व सरपंच-सचिव समेत चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले की ग्राम पंचायत ढेका में 15वें वित्त आयोग एवं अन्य मदों की शासकीय राशि में भारी वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है। जांच में प्रथम दृष्टया 24 लाख 70 हजार 530 रुपये की राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद पूर्व सरपंच, सचिव सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के बाद पंचायत क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतें मिलने पर जिला पंचायत बिलासपुर द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बिल्हा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। जांच दल ने दस्तावेजों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। प्रस्तुत प्रतिवेदन में आवेदक तथा संबंधित सरपंच, सचिव एवं अन्य व्यक्तियों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए जाने का उल्लेख किया गया है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि 15वें वित्त आयोग एवं अन्य मदों से प्राप्त राशि में 24,70,530 रुपये की शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है। मामले में ग्राम पंचायत ढेका के पूर्व सरपंच दिनेश मौर्य, तत्कालीन सचिव सचिन कौशिक, तत्कालीन सचिव (घूमा/हरदीकला) भानू विश्वकर्मा तथा ग्राम पंचायत ढेका के कोटवार कमल कश्यप को जिम्मेदार ठहराया गया है। जिला पंचायत के आदेश के परिपालन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बिल्हा द्वारा 19 फरवरी 2026 को तोरवा थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 344, 316 एवं 318 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है और दस्तावेजों की जांच के साथ ही संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच में यदि और अनियमितताएं सामने आती हैं तो अन्य संबंधितों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे प्रकरण ने पंचायत स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
