BilaspurChhattisgarhRaftaar News CgSipat

एनटीपीसी की छाया में सीपत की बदहाल सेहत व्यवस्था; अस्पताल-एंबुलेंस का अभाव..सड़क हादसे में युवक की मौत से भड़का आक्रोश!

सीपत: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन परियोजनाओं में शुमार एनटीपीसी का विशाल प्लांट सीपत में स्थापित है, लेकिन विडंबना यह है कि इतने बड़े औद्योगिक केंद्र के बावजूद क्षेत्र आज भी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रहा है। प्लांट शुरू हुए करीब 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां न तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है और न ही पर्याप्त एंबुलेंस सुविधा। यही कारण है कि हर बड़ी घटना के बाद विकास के दावों की पोल खुल जाती है। सीपत क्षेत्र के लगभग 40 गांवों के ग्रामीण एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। यहां सीमित संसाधन और स्टाफ की कमी के चलते गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार नहीं मिल पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार समय पर इलाज न मिलने से जान तक चली जाती है, लेकिन शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से ठोस पहल नहीं की जा रही।

मेले से लौटते समय हुई भीषण टक्कर……

रविवार दोपहर लगभग 3 बजे सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम जांजी निवासी 21 वर्षीय अमन सोनवानी पिता सुशील सोनवानी अपने 13 वर्षीय भतीजे इनी बंजारे और 4 वर्षीय अंकुश बंजारे को मस्तूरी से वापस जांजी लेकर लौट रहा था। इसी दौरान ग्राम कौड़ियां के स्वागत द्वार के पास कौड़ियां मेले से लौट रहे ग्राम पिपरसक्ति निवासी मोहन पाल की बाइक से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए। कौड़ियां में मेला चल रहा था। सूचना मिलते ही सीपत पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हादसे के बाद करीब आधा घंटा बीत जाने के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। मजबूरी में सीपत पुलिस की टीम और स्थानीय लोगों ने मिलकर गंभीर रूप से घायल अमन सोनवानी और मोहन पाल को एक ऑटो में भरकर सीपत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय केवल दो नर्सें मौजूद थीं। गंभीर हालत को देखते हुए दोनों घायलों को तत्काल बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) रेफर किया गया। परंतु एंबुलेंस करीब एक घंटे बाद पहुंची। इस दौरान दोनों घायल दर्द से तड़पते रहे। देरी से पहुंची एंबुलेंस से जब दोनों को सिम्स ले जाया जा रहा था, तभी ग्राम पंधी के पास रास्ते में मोहन पाल ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विकास के दावों पर उठे सवाल……

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब क्षेत्र में देश की बड़ी बिजली परियोजना संचालित हो रही है, तो यहां एक सुसज्जित अस्पताल और पर्याप्त एंबुलेंस सुविधा होना अनिवार्य है। लेकिन हकीकत यह है कि आज भी गंभीर मरीजों को 20-25 किलोमीटर दूर बिलासपुर रेफर करना पड़ता है। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस और समुचित उपचार मिल जाता, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कब तक सीपत क्षेत्र विकास के नाम पर सिर्फ वादे ही सुनता रहेगा?

YOUTUBE RAFTAAR NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Latest
पहली ही मूसलाधार बारिश में डूबा बिलासपुर; निगम के दावों की खुली पोल..नाले-नालियों की सफाई फेल, सड़के... भारी बारिश का असर; बिलासपुर जिले के सभी स्कूलों में आज अवकाश घोषित! भारी बारिश पर बिलासपुर प्रशासन हाई अलर्ट; कच्चे मकान टूटने पर तुरंत मिलेगी राहत..कलेक्टर ने दिए बचाव... रतनपुर; पड़े-पड़े बड़बड़ाता रहता है…कहकर कलयुगी बेटे ने लकवाग्रस्त पिता को डंडे से पीट-पीटकर मार डाल... लगातार बारिश से बिलासपुर अलर्ट; कलेक्टर ने रद्द कीं सभी बैठकें..अफसरों को तुरंत फील्ड में उतरने के न... बिलासपुर से सीपत-कोरबा जाने वाले रहें सतर्क; लगरा में जलभराव से सड़क जाम, यात्रियों की बढ़ी परेशानी.... बिलासपुर-कटनी रेल लाइन पर ट्रेन की चपेट में आए युवक की मौत..शव के हुए कई टुकड़े! बिलासपुर में बाल संप्रेक्षण गृह चौकीदार हत्याकांड; प्रयागराज से एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार..चौथे दि... खम्हरिया में 71 बेटियों को मिली सरस्वती योजना की साइकिलें..शिक्षा की राह हुई आसान: देवेश शर्मा! विधानसभा में गरजे अटल श्रीवास्तव: डीएपी, डीजल और बिजली संकट पर सरकार को घेरा!