पहली ही मूसलाधार बारिश में डूबा बिलासपुर; निगम के दावों की खुली पोल..नाले-नालियों की सफाई फेल, सड़कें बनीं तालाब..घरों में घुसा पानी, शहरभर में जनजीवन बेहाल!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) देर रात से हुई मूसलाधार बारिश ने बिलासपुर नगर निगम की बारिश पूर्व तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी। कुछ ही घंटों की बारिश में शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, घरों में पानी घुस गया और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर कमर तक पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए। बारिश से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सरकंडा, बंधवापारा, अशोक नगर, जोरापारा, वसंत विहार, नूतन कॉलोनी, पुराना बस स्टैंड, श्रीकांत वर्मा मार्ग, निराला नगर, मंगला रोड, कुड़ूदंड, मध्य नगरी चौक, मसानगंज, खपरगंज और जूनी लाइन शामिल रहे। मसानगंज और मध्य नगरी चौक में नालियों की सफाई नहीं होने से पानी की निकासी रुक गई और कमर तक जलभराव हो गया। तेज बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में फंस गए, जबकि पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान खराब हो गया। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं। बारिश से पहले नगर निगम ने नाले-नालियों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और नए नालों के निर्माण के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन पहली ही तेज बारिश ने इन दावों की पोल खोल दी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश पूर्व तैयारियों के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। कई जगह नालियों की सफाई अधूरी छोड़ दी गई, जबकि कई स्थानों पर नालों का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका। पुराना बस स्टैंड और कश्यप कॉलोनी क्षेत्र में नालों को चौड़ा करने का कार्य भी जलभराव रोकने में नाकाम साबित हुआ। घंटों तक पानी भरे रहने से लोग घरों में कैद होकर रह गए। बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। लगातार हो रहे जलभराव से शहरवासी एक बार फिर सवाल उठा रहे हैं कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बिलासपुर को बारिश में डूबने से आखिर कब राहत मिलेगी। यदि समय रहते स्थायी और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो आगामी दिनों में भारी बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं।
