बीजापुर में पोटाकेबिन घोटाला फूटा; फर्जी उपस्थिति के सहारे राशन–शिष्यवृत्ति में लाखों की हेराफेरी, चार अधीक्षक सस्पेंड!


बीजापुर:(प्रांशु क्षत्रिय) जिले के पोटाकेबिन (आवासीय विद्यालयों) में फर्जी उपस्थिति दर्ज कर राशन और शिष्यवृत्ति मद में लाखों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। संयुक्त संचालक शिक्षा के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल की रिपोर्ट के बाद चार अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि अभिलेखों में छात्रों की उपस्थिति 100 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जबकि मौके पर कई विद्यालयों में आधे से भी कम छात्र मौजूद मिले। जुलाई से अक्टूबर के बीच बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित रहने के बावजूद उनके नाम पर नियमित रूप से राशन और सब्जी की खरीदी दर्शाई गई। रिपोर्ट में सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि करते हुए अधीक्षकों की कथित मिलीभगत से शासन को लाखों रुपये की क्षति का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा संदिग्ध या लंबे समय से अनुपस्थित छात्रों के नाम पर भी शिष्यवृत्ति राशि निकाले जाने की बात सामने आई है। शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए चारों अधीक्षकों को निलंबित कर दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच जारी है और दोषियों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निलंबित अधीक्षक………
आदित्य ठाकुर, भटवाड़ा,
लक्ष्मीनारायण ओढदल, सेण्ड्रापल्ली,
पुष्पलता सोनी, संगमपल्ली,
रघुनंदन मौर्य, भटवाड़ा।

