ओरसा घाट में भीषण सड़क हादसा, स्कूल बस पलटने से 10 की मौत, 78 घायल……

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा पर ओरसा घाट में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। इस हादसे में 5 महिलाएं और 5 पुरुषों की जान गई है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। इनमें 19 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा रविवार दोपहर झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड थाना क्षेत्र में हुआ। जानकारी के अनुसार ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल की बस में 87 लोग सवार थे। सभी बलरामपुर जिले के ग्राम पीपरसोत, महाराजगंज, झपरा और बुद्धीडीह से सगाई समारोह में शामिल होने झारखंड के लोधगांव जा रहे थे। बस जैसे ही ओरसा बंगलादारा घाटी में ढलान पर पहुंची, अचानक ब्रेक फेल हो गया। तेज रफ्तार बस पीडब्ल्यूडी द्वारा लगाए गए रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए पेड़ से टकराई और करीब 20 फीट नीचे गिरकर पलट गई। हादसे में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बस चालक विकास पाठक ने बताया कि ढलान पर पहुंचते ही ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। हालात संभालने के लिए हैंड ब्रेक लगाया गया और इंजन भी बंद किया गया, लेकिन ढलान अधिक होने के कारण बस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री बस के अंदर फंस गए, जबकि कुछ लोग उछलकर सड़क किनारे जा गिरे। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। महुआडांड थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि 60 घायलों को महुआडांड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 20 को कार्मेल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर घायलों को गुमला, लातेहार और रांची के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। देर रात 25 घायलों को अंबिकापुर लाया गया, जहां एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और क्षेत्रीय विधायक एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं। हादसे में जान गंवाने वाले ग्रामीणों के शव सोमवार को बलरामपुर लाए गए। ।
