क्या चंद पैसों में बिक रहा बिलासपुर पुलिस का ईमान? स्पा संचालक ने खोली परतें..? ASP और थाना प्रभारी पर धमकी और उगाही के आरोप, वीडियो हुआ वायरल.. मचा हड़कंप!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) आज रफ्तार न्यूज सीजी बिलासपुर पुलिस का ऐसा खुलासा करने जा रहे हैं, जिसे देखकर आप भी चौंक जाएंगे और मजबूर हो जाएंगे ये सवाल पूछने पर कि क्या बिलासपुर पुलिस चंद पैसों में अपना ईमान बेच सकती है। क्योंकि जिन पर शहर की कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है, आज उन्हीं पर उगाही, धमकी और फर्जी कार्रवाई जैसे बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। हम बात कर रहे हैं बिलासपुर शहर के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल और वर्तमान में सिविल लाइन थाना के थाना प्रभारी सुम्मत राम साहू की, जिन पर एक स्पा सेंटर संचालक ने सीधे-सीधे आरोप लगाया है कि उगाही का पैसा नहीं देने पर उसके व्यवसाय को निशाना बनाया गया। स्पा संचालक का दावा है कि 6 जनवरी 2026 को उसके स्पा सेंटर में फर्जी तरीके से कार्रवाई की गई और यह कार्रवाई कानून के तहत नहीं बल्कि मंथली बंद होने की वजह से की गई। आरोप लगाने वाले हैं लोकेश सेन और उनके छोटे भाई अमन सेन, जो सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दो स्पा सेंटर संचालित करते हैं। एक 36 मॉल स्थित एक्वा स्पा सेंटर और दूसरा महाराणा प्रताप चौक स्थित एक्वा-2 स्पा सेंटर। दोनों स्पा सेंटर विधिवत पंजीकृत बताए जा रहे हैं और नियमों के अनुसार संचालन का दावा किया जा रहा है। सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब अमन सेन खुद मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि शहर में स्पा सेंटर चलाने के लिए सिविल लाइन थाना प्रभारी को हर महीने 25 हजार रुपये और तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल को हर महीने 30 हजार रुपये दिए जाते थे। यानी सवाल ये है कि क्या बिलासपुर में कानून से नहीं, मंथली से कारोबार चलता है। स्पा संचालकों का कहना है कि दिसंबर 2025 में जैसे ही यह उगाही बंद की गई, वैसे ही दबाव बनना शुरू हो गया। आरोप है कि राजेंद्र जायसवाल ने बाकायदा अपने केबिन में बुलाकर दुकान संचालक को चमकाया और धमकाया, और यही नहीं, इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आ चुका है, जिसमें कथित तौर पर दबाव बनाने की तस्वीरें साफ तौर पर देखी जा सकती हैं। अब सवाल इसलिए और गंभीर हो जाते हैं क्योंकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वह अधिकारी होता है, जिस पर पूरे शहर की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी होती है। लेकिन जब उसी अधिकारी पर उगाही और धमकी जैसे आरोप लगें, तो आम जनता आखिर किससे न्याय की उम्मीद करे। क्या सच में अगर आपके पास पैसा है तो आप कुछ भी कर सकते हैं और अगर पैसा नहीं दिया तो चेकिंग के नाम पर बदनामी और कार्रवाई तय है। इस पूरे मामले को लेकर स्पा संचालक लोकेश सेन ने बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक से लिखित शिकायत भी की है। शिकायत में साफ तौर पर कहा गया है कि उनका स्पा व्यवसाय पूरी तरह से कानूनी है, सभी नियमों का पालन किया जाता है, 14 कर्मचारी नियमित रूप से काम करते हैं, ग्राहकों और कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है, इसके बावजूद स्थानीय पुलिस कर्मचारियों द्वारा हर महीने अवैध धनराशि की मांग की जाती है। और जब यह अवैध मांग पूरी नहीं की गई, तो बिना किसी ठोस कारण के बार-बार स्पा में चेकिंग के नाम पर दबाव बनाया गया, कर्मचारियों और ग्राहकों के सामने अनावश्यक पूछताछ की गई और व्यवसाय को बदनाम कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी। क्या वायरल वीडियो की सच्चाई सामने आएगी। या फिर यह मामला भी सिस्टम की फाइलों में दबकर रह जाएगा। बिलासपुर की जनता जानना चाहती है कि क्या पुलिस वाकई चंद पैसों में अपना ईमान बेच रही है या फिर इन आरोपों का सच सामने लाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अब निगाहें पुलिस महानिरीक्षक और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
