आदेश हवा में, स्कूल खतरे में; बिलासपुर के सरकारी स्कूलों में आवारा कुत्तों का आतंक, बच्चों की सुरक्षा राम भरोसे!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। डीपीआई और जिला शिक्षा अधिकारी के सख्त निर्देश भी बेअसर साबित हो रहे हैं। स्कूल परिसरों में आवारा कुत्तों का खुलेआम घूमना अब आम हो गया है, जिससे पढ़ाई का माहौल डर में बदलता जा रहा है। खमतराई के बाद अब सकरी क्षेत्र के मिडिल स्कूल में कुत्ते के हमले की गंभीर घटना सामने आई है। सोमवार को स्कूल संचालन के दौरान एक आवारा कुत्ता परिसर में घुस आया और कक्षा आठवीं की छात्रा मोना यादव पर हमला कर दिया। इसके बाद तमन्ना साहू, सूरज और नवदा गांव से आए एक अन्य छात्र को भी काट लिया। घटना से स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों की तत्परता से बच्चों की जान बच सकी। घायलों में से तीन बच्चों को सिम्स और एक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को परिसर में कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगाने और नगर निगम या पंचायत को सूचना देने की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिख रही है। चिंताजनक तथ्य यह है कि जिले के 49 स्कूलों में बाउंड्री वॉल तक नहीं है। वहीं नगर निगम का दावा है कि स्कूलों से कोई शिकायत नहीं मिलती। साफ है कि आदेश फाइलों में दबे हैं। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
