म्यूल अकाउंट गिरोह का भंडाफोड़, 20 हजार में खाते खरीदकर कर रहे थे साइबर ठगी…..

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) दुर्ग पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य लोगों से 20 हजार रुपए में बैंक खाते खरीदकर उनका इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टा और साइबर ठगी में कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 78 एटीएम और क्रेडिट कार्ड, 21 चेकबुक, 18 पासबुक और 16 सिम कार्ड जब्त किए हैं। इन खातों को महाराष्ट्र के मुंबई में सप्लाई किया जा रहा था, जहां इनका इस्तेमाल कार्निवल और क्रेक्स जैसे ऑनलाइन ऐप्स में किया जाना था। पुलिस के अनुसार, 30 दिसंबर 2025 को एक खाताधारक ने पद्मनाभपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी मोबाइल दुकान में अमित मिश्रा मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था। अमित के जरिए उसकी पहचान लोकेश जाधव उर्फ लक्की से हुई। लोकेश ने उसे झांसे में लेकर कहा कि उसके भाई के पास बाहर से पैसा आने वाला है, लेकिन बैंक खाता नहीं है। बदले में 20 हजार रुपए देने का लालच देकर उसने एक्सिस बैंक महाराजा चौक और आईडीबीआई बैंक कुम्हारी शाखा के खाते इस्तेमाल करने की अनुमति ले ली। कुछ दिन बाद जब आईडीबीआई बैंक का खाता फ्रीज हुआ, तब उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलते ही मुख्य आरोपी लोकेश जाधव महाराष्ट्र के कल्याण भागने की तैयारी में था। पुलिस ने उसे दुर्ग बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से 33 एटीएम और क्रेडिट कार्ड, 15 चेकबुक, 9 पासबुक और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए। पूछताछ में लोकेश ने खुलासा किया कि वह अपने बड़े भाई टवन कुमार जाधव के साथ मिलकर म्यूल अकाउंट सप्लाई करता था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बोरसी स्थित टवन जाधव के घर दबिश दी, जहां से 28 एटीएम और क्रेडिट कार्ड, 8 चेकबुक, 8 पासबुक और 4 सिम कार्ड जब्त किए गए। जांच में गिरोह से जुड़े विनय सिंह सेंगर, राजू गायकवाड और अमित मिश्रा को भी गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी अलग-अलग लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड जुटाकर साइबर ठगों को सप्लाई करते थे। दुर्ग सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। पूछताछ में कुछ अन्य नाम सामने आए हैं, जिन्हें ट्रेस किया जा रहा है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
