दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाके तक पहुंची रेल पटरी; ताड़ोकी से रावघाट तक ट्रैक तैयार…17.5 किमी के अंतिम खंड का सीआरएस निरीक्षण और स्पीड ट्रायल पूरा!


रायपुर/बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्र रावघाट तक रेल पहुंचाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का काम पूरा हो गया है। इस सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज रेलखंड का बुधवार को सीआरएस निरीक्षण और गति परीक्षण किया गया। सीआरएस निरीक्षण के दौरान रेल पटरी के साथ पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। रेलखंड की परिचालन क्षमता और निर्धारित सुरक्षा मानकों का भी परीक्षण किया गया। निरीक्षण एवं गति परीक्षण के बाद इस खंड को रेल परिचालन के लिए आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
95 किमी की परियोजना का अंतिम खंड………
ताड़ोकी-रावघाट खंड 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवा उपलब्ध है। ताड़ोकी से रावघाट तक रेल परिचालन शुरू होने पर दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को आवागमन का बेहतर विकल्प मिलेगा।
भिलाई स्टील प्लांट तक लौह अयस्क पहुंचाना होगा आसान……
नई रेल लाइन का एक बड़ा महत्व भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क के परिवहन से जुड़ा है। रेल संपर्क बेहतर होने से लौह अयस्क की ढुलाई अधिक सुगम होगी, जिससे इस्पात उद्योग को परिवहन सुविधा मिलेगी। इसके अलावा कृषि उपज और स्थानीय व्यापारिक सामान को भी रेल नेटवर्क के जरिए बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच होगी आसान……..
रावघाट और आसपास के दूरस्थ क्षेत्रों के रेल नेटवर्क से जुड़ने के बाद रायपुर और भिलाई से संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक पहुंच आसान होगी। रेल संपर्क बढ़ने से पर्यटन, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है। ताड़ोकी-रावघाट खंड का सीआरएस निरीक्षण और गति परीक्षण दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना को परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

