VIDEO; छत्तीसगढ़ बंद के बीच कांकेर से रायपुर तक उबाल, आमाबेड़ा में घर वापसी और हिंसा, राजधानी में मॉल-गोदाम में तोड़फोड़……

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में धर्मांतरण से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बड़े तेवड़ा में धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफन को लेकर हुए विवाद के विरोध में सर्व समाज द्वारा आहूत छत्तीसगढ़ बंद का असर जिलेभर में देखने को मिला। इसी बीच एक ओर जहां घर वापसी की घटना सामने आई, वहीं दूसरी ओर दोबारा तनाव की स्थिति भी बन गई। आमाबेड़ा क्षेत्र के ग्राम चिखली में 19 धर्मांतरित लोगों ने शीतला मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर अपने मूल हिंदू धर्म में वापसी की। इस अवसर पर गांव के गायता, पटेल और समाज प्रमुखों की मौजूदगी में इन सभी का स्वागत किया गया। समाज के लोगों ने इसे सामाजिक एकता की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। हालांकि, आमाबेड़ा क्षेत्र में ही एक अन्य घटना ने फिर से माहौल को गरमा दिया। एक धर्मांतरित महिला पर मूल हिंदू धर्म में लौटने का दबाव बनाए जाने का आरोप है। महिला के इनकार करने पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उसके घर में तोड़फोड़ की गई। बाद में स्थिति को शांत कराया गया, लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है। उधर, छत्तीसगढ़ बंद का असर राजधानी रायपुर में भी दिखा। तेलीबांधा इलाके में कुछ असामाजिक तत्वों ने मैग्नेटो मॉल और कटोरा तालाब स्थित ब्लिंकिट गोदाम में जमकर उत्पात मचाया। प्रदर्शनकारियों ने मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस को लेकर की गई सजावट को नुकसान पहुंचाया और मॉल के भीतर भी तोड़फोड़ की। वहीं ब्लिंकिट सेवा चालू रखने का विरोध करते हुए कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। इस संबंध में तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि यह घटना रायपुर बंद के समर्थन में निकले कुछ लोगों द्वारा की गई है। फिलहाल मॉल या ब्लिंकिट प्रबंधन की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कुल मिलाकर, बंद के दौरान प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में सामने आई इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है।


















