सीपत क्षेत्र के नदी घाट पर बड़ा हादसा; रेत से भरे ट्रैक्टर की चपेट में आकर युवक की मौत..लापरवाही बनी जानलेवा, मौके पर ही तोड़ा दम..धड़ल्ले से चल रहा रेत उत्खनन का कारोबार, प्रशासन पर उठे सवाल!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम डगनिया (खैरा) स्थित खारून नदी के झाप बाड़ी घाट में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे में युवक की मौत हो गई। रेत से भरे ट्रैक्टर के अनियंत्रित होने से यह हादसा हुआ, जिसमें चालक ही ट्रैक्टर से गिरकर उसके पहिये की चपेट में आ गया। मिली जानकारी के अनुसार मृतक महेंद्र कुमार कश्यप उम्र 30 वर्ष पिता हर प्रसाद कश्यप खारून नदी के झाप बाड़ी घाट पर ट्रैक्टर से रेत भरने गया था। शाम करीब 5 बजे ट्रैक्टर में रेत भरकर वापस गांव लौटते समय वाहन अचानक तेज गति में अनियंत्रित हो गया। इसी दौरान महेंद्र ट्रैक्टर से गिर पड़ा और वाहन के पहिये की चपेट में आ गया। हादसे में उसके सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर खून से लथपथ हालत में शव पड़ा मिला। पास ही बिना नंबर का स्वराज कंपनी का ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत से भरा खड़ा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पंचनामा कार्रवाई कर मर्ग कायम किया गया। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है।
अवैध रेत उत्खनन का ‘खतरनाक खेल’, जानलेवा बन रहे नदी घाट….
खारून नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का खेल बेखौफ तरीके से जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हर दिन सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों गाड़ियां नदी से रेत निकाल रही हैं। भारी मशीनों और ट्रैक्टरों की आवाजाही से घाट पूरी तरह असुरक्षित हो चुके हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि प्रशासन को इसकी पूरी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई न के बराबर है। आरोप है कि संरक्षण और मिलीभगत के चलते यह अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। नदी का प्राकृतिक स्वरूप तेजी से बिगड़ रहा है और घाट खतरनाक होते जा रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग के अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। लगातार सामने आ रहे हादसे यह साफ संकेत दे रहे हैं कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे आगे और भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।


















